कोहड़िया के छत्तीसगढ़ महतारी दाई मंदिर में हरेली पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने की पूजा-अर्चना

कोरबा। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर कोहड़िया स्थित प्रदेश के प्रथम छत्तीसगढ़ महतारी दाई मंदिर में विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ महतारी संस्कृति संवर्धन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ महतारी की पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की।

हरेली पर्व के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष भैया डॉ. चरणदास महंत सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिली।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि हरेली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति, कृषि परंपरा और लोक जीवन से गहराई से जुड़ा उत्सव है। यह पर्व अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं और लोक संस्कृति के संरक्षण पर भी जोर दिया गया। आयोजन के माध्यम से लोगों को अपनी सांस्कृतिक पहचान, लोक परंपराओं और विरासत से जुड़े रहने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
छत्तीसगढ़ में हरेली पर्व का विशेष महत्व है। कृषि प्रधान प्रदेश होने के कारण यह पर्व किसानों और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है। हरेली के अवसर पर कृषि उपकरणों और पशुधन की पूजा करने की परंपरा रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति और लोक विरासत को जीवंत बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।




