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NEET पेपर लीक विवाद के बाद NTA की सुरक्षा व्यवस्था सख्त, नए ऑफिस में तैनात होंगे CISF जवान

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) पेपर लीक और परीक्षा में कथित प्रशासनिक खामियों को लेकर हुए विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। NTA के नए कार्यालय परिसर में अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों की तैनाती की जाएगी। गृह मंत्रालय ने नए कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा के लिए CISF को मंजूरी दे दी है।

जानकारी के मुताबिक, NTA का नया कार्यालय मिंटो रोड स्थित ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस’ की इमारत में बनाया गया है। यहां 55 हजार वर्ग फीट से अधिक क्षेत्र में विशेष ऑफिस कॉम्प्लेक्स तैयार किया गया है। NTA को इस परिसर की पूरी पांचवीं मंजिल के अलावा चौथी और छठी मंजिल का कुछ हिस्सा आवंटित किया गया है। पिछले करीब एक महीने के दौरान एजेंसी से जुड़े गोपनीय और संवेदनशील कामकाज को नए कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।

नए परिसर में परीक्षा से संबंधित संवेदनशील गतिविधियों के लिए अलग-अलग गोपनीय जोन चिन्हित किए गए हैं। इन क्षेत्रों में कर्मचारियों और अन्य लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही संवेदनशील कामकाज के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाएगा। CISF की तैनाती का उद्देश्य कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

NTA की सुरक्षा व्यवस्था में यह बदलाव NEET-UG पेपर लीक मामले के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पेपर लीक की घटना के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उच्चस्तरीय स्तर पर भी पहल की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझाव देने के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस समिति की रिपोर्ट अभी प्रस्तुत नहीं हुई है।

NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच में भी NTA के गोपनीय विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल सामने आए थे। CBI की चार्जशीट में तीन विषय विशेषज्ञों को कथित तौर पर पेपर लीक की साजिश का मास्टरमाइंड बताया गया है। चार्जशीट के अनुसार, इन विशेषज्ञों के NTA के गोपनीय विभाग में आने-जाने के दौरान पर्याप्त जांच नहीं की जाती थी। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर परीक्षा के प्रश्नों को छोटी पर्चियों पर लिखकर बाहर ले जाया गया।

NTA की स्थापना वर्ष 2017 में देश में निष्पक्ष, पारदर्शी और मानकीकृत प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के उद्देश्य से की गई थी। एजेंसी पहले दिल्ली के ओखला स्थित कार्यालय से काम करती थी। NEET समेत कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी NTA के पास है। नए कार्यालय में CISF की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाए जाने से परीक्षा से जुड़े गोपनीय कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

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