कोरबा में साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन, विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल ठगी से बचाव की दी जानकारी

कोरबा। बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से 22 अगस्त 2026 को MLC IT & Management Institute, Korba में साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन MLC IT & Management Institute, कोरबा साइबर सेल एवं बजाज फाइनेंस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में साइबर पुलिस विशेषज्ञ अजय सोनवानी, साइबर एक्सपर्ट वीरकेश्वर, फील्ड एक्सपर्ट श्याम सिदार, बजाज फाइनेंस के रीजनल मैनेजर पंकज गायकवाड़, MLC Korba के Director Academic बी.के. शर्मा तथा Director Academic साधना शर्मा सहित अन्य अतिथि एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने Cyber Security, Digital Arrest, Online Fraud, Phishing, Online Scams और Personal Data Protection जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने वास्तविक जीवन में सामने आने वाले साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीकों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया और बताया कि थोड़ी सी सतर्कता बरतकर लोग बड़े आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं।
विद्यार्थियों को बताया गया कि अपने सभी महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड रखना चाहिए। जहां संभव हो, Two-Factor Authentication यानी 2FA को सक्रिय करना चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
साइबर विशेषज्ञों ने अनजान लिंक, संदिग्ध QR कोड और Unknown Apps से सावधान रहने की सलाह दी। साथ ही Phishing Messages और Fake Websites की पहचान करने के तरीके भी बताए गए। ऑनलाइन भुगतान करते समय नाम, मोबाइल नंबर और भुगतान की राशि को अच्छी तरह जांचने की अपील की गई।
कार्यक्रम में Digital Arrest के बढ़ते मामलों को लेकर भी विशेष रूप से जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि साइबर ठग अक्सर पुलिस, CBI, ED या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर लोगों को डराने का प्रयास करते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय किसी विश्वसनीय व्यक्ति से संपर्क करना चाहिए और ठगी होने पर तत्काल संबंधित बैंक या सेवा प्रदाता को सूचना देकर साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साइबर फ्रॉड की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी जरूरत से ज्यादा साझा नहीं करने, मोबाइल फोन, कंप्यूटर और एप्लीकेशन को समय-समय पर अपडेट रखने तथा महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा का सुरक्षित बैकअप रखने की सलाह दी गई।
विशेषज्ञों ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस या तकनीकी विशेषज्ञों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से सुरक्षित रह सकें।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, साइबर विशेषज्ञों, आयोजकों और उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सभी ने सुरक्षित एवं जागरूक डिजिटल समाज बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल समापन के बाद प्रतिभागियों के लिए refreshments की व्यवस्था की गई, जहां सभी ने आपसी संवाद और सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का समापन किया।
कार्यक्रम का संदेश रहा— “Be Aware • Be Secure • Be Cyber Smart”।



