Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में आज भी जमकर बरसेंगे बादल, कई संभागों में भारी बारिश का अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बीते 30 घंटों के दौरान व्यापक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण आंतरिक ओडिशा के ऊपर एक अवदाब बना हुआ है, जो करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके अगले 12 घंटे तक अपनी तीव्रता बनाए रखने की संभावना है। इसके बाद अगले 12 घंटों में इसके कमजोर होकर चिन्हित निम्न दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना जताई गई है।

राजधानी रायपुर में भी शुक्रवार से बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटों में रायपुर में 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। 26 सितंबर को भी राजधानी में आसमान में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर पिछले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। जगदलपुर में सर्वाधिक 25 सेंटीमीटर बारिश हुई। लोहंडीगुड़ा में 23 सेंटीमीटर, बास्तानार और नानगुर में 22 सेंटीमीटर, भनपुरी और मदार्पाल में 21 सेंटीमीटर, तोकापाल और माकड़ी में 20 सेंटीमीटर, बस्तर और केशकाल में 19 सेंटीमीटर तथा बचेली में 18 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। देवभोग में 17, कोहकामेटा में 16 तथा अंतागढ़, मैनपुर, धनोरा, अमलीपदर, नारायणपुर, दरभा, ओरछा, बकावंड-बड़े, छिंदगढ़, कोंडागांव और छोटेडोंगर में 15-15 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। नेरहरपुर, बड़ेराजपुर, बालोद और कांकेर में 13-13 सेंटीमीटर बारिश हुई।

मौसम विभाग के मुताबिक 26 सितंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि 27 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।

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