Chhattisgarh

बेमेतरा के कोबिया में मिला सौ साल पुराना ऐतिहासिक कुआं, सहयोग संस्था ने शुरू किया संरक्षण कार्य

  • नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने मौके पर पहुंचकर संरक्षण कार्य का किया अवलोकन, टीम को दिया साधुवाद

बेमेतरा। नगर के कोबिया क्षेत्र में करीब सौ वर्ष पुराना ऐतिहासिक कुआं सामने आने से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से उपेक्षित पड़े इस प्राचीन कुएं की जानकारी मिलने के बाद सहयोग संस्था की टीम ने इसके संरक्षण की पहल शुरू की है। संस्था के सदस्यों ने कुएं की साफ-सफाई और आवश्यक संरक्षण कार्य प्रारंभ कर ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

ऐतिहासिक महत्व वाले इस कुएं के संरक्षण की जानकारी मिलने पर नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा मौके पर पहुंचे और संरक्षण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सहयोग संस्था की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए इस कार्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों को साधुवाद दिया।

विजय सिन्हा ने कहा कि शहर की पुरानी धरोहरें केवल पुरानी संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि वे हमारे इतिहास और स्थानीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आधुनिक विकास के साथ-साथ ऐसी ऐतिहासिक विरासतों को संरक्षित करना भी जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने शहर के इतिहास और पुरानी परंपराओं से जुड़ी रह सकें।

उन्होंने कहा कि करीब सौ वर्ष पुराने इस कुएं का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को बेमेतरा के अतीत से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस तरह की पहल से नागरिकों में अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को लेकर जागरूकता भी बढ़ती है।

सहयोग संस्था की टीम द्वारा कुएं की साफ-सफाई के साथ उसकी मौजूदा स्थिति को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक संरक्षण कार्य किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य इस ऐतिहासिक संरचना को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है, ताकि यह आने वाले समय में भी बेमेतरा की पुरानी विरासत के रूप में मौजूद रहे।

स्थानीय नागरिकों ने भी सहयोग संस्था की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि शहर में मौजूद पुरानी ऐतिहासिक संरचनाओं की पहचान कर उनका संरक्षण किया जाना जरूरी है। समाज के विभिन्न वर्गों के सामूहिक प्रयास से ऐसी धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

इस अवसर पर सहयोग संस्था के संस्थापक रमन काबरा, रामा मोटवानी, संजय दुबे, मंजीत सलूजा, चावला जी, संतोष चौहान, मिश्रा जी और वैभव तिवारी सहित संस्था के सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कोबिया में सौ साल पुराने कुएं के संरक्षण की पहल से शहर की पुरानी धरोहरों को सहेजने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास सामने आया है।

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