Chhattisgarh

लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मताधिकार की सुरक्षा पर उठ रहे सवालों पर डॉ.चंद्रशेखर खूंटे ने जताई चिंता

रायपुर। कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ.चंद्रशेखर खूंटे ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता, नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

डॉ.खूंटे ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार,संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर देश में व्यापक बहस की आवश्यकता है।

उन्होंने Special Intensive Revision (SIR) और EVM को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। डॉ. खूंटे ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम छूटना या गलत तरीके से हटना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय हो सकता है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता और जनता के विश्वास को सुनिश्चित करने की मांग की।

डॉ.खूंटे ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED),केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग (IT) जैसी संवैधानिक एवं वैधानिक संस्थाओं की कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी सार्वजनिक स्तर पर पारदर्शी चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना है कि कानून का इस्तेमाल राजनीतिक भेदभाव से मुक्त होकर होना चाहिए और प्रत्येक नागरिक तथा राजनीतिक दल को समान अवसर मिलना चाहिए।

EVM को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव व्यवस्था में मतदाता के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने,VVPAT सहित उपलब्ध सत्यापन व्यवस्थाओं को लेकर जनता के बीच स्पष्ट जानकारी देने तथा राजनीतिक दलों की आशंकाओं का संस्थागत स्तर पर समाधान करने की आवश्यकता बताई।

डॉ.खूंटे ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक पहचान संविधान,तिरंगे और नागरिकों के मताधिकार से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार,सत्ता किसी भी दल की हो,लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है उन्होंने लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक माध्यमों से जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉ.चंद्रशेखर खूंटे
कांग्रेस कार्यकर्ता,छत्तीसगढ़

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