Chhattisgarh

SECL मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़ा 2026 का समापन, हिंदी पत्राचार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों को राजभाषा शील्ड से किया गया सम्मानित

बिलासपुर, 09 अक्टूबर 2026। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़ा 2026 का समापन समारोह गुरुवार को मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, भारत सरकार के निर्देशानुसार 14 से 28 सितंबर तक आयोजित इस पखवाड़े के दौरान हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग और कर्मचारियों सहित विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समापन समारोह में उत्कृष्ट हिंदी पत्राचार करने वाले विभागों और क्षेत्रों को राजभाषा शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

समारोह में एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार और मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में विभागाध्यक्षों, क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रतिनिधियों, मुख्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ठेका कर्मियों, स्कूली विद्यार्थियों और महाविद्यालय की छात्राओं ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं विभागाध्यक्षों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। स्वागत उद्बोधन उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन-प्रशासन/जनसंपर्क/राजभाषा) मनीष कुमार श्रीवास्तव ने दिया।

राजभाषा पखवाड़े के अंतर्गत कर्मचारियों, अधिकारियों, गृहणियों, ठेका कामगारों और विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। हिंदी भाषी और हिंदीतर भाषी कर्मचारियों के लिए हिंदी निबंध लेखन, हिंदी पत्र एवं टिप्पण लेखन, चित्र आधारित हिंदी कहानी लेखन, हिंदी व्याकरण ज्ञान तथा विभागाध्यक्षों के लिए हिंदी ज्ञान प्रतियोगिता कराई गई। इसके अलावा हिंदी आशुलिपि, कंप्यूटर आधारित हिंदी टंकण, हिंदी भाषण, हिंदी काव्य पाठ और हिंदी अंताक्षरी जैसी संयुक्त प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

गृहणियों के लिए निबंध लेखन और ठेका कामगारों के लिए हिंदी ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई। डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 8वीं, कक्षा 9वीं एवं 10वीं तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं के तीन वर्गों में बांटकर हिंदी ज्ञान प्रतियोगिता कराई गई। शासकीय माता शबरी नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं के लिए हिंदी साहित्य प्रतियोगिता आयोजित हुई। वहीं, तिफरा स्थित अंध-मूक बधिर शाला के बच्चों को भी हिंदी भाषण एवं हिंदी चित्र लेखन प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। समापन समारोह में अतिथियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

एसईसीएल की स्वर्गीय शंकर दयाल सिंह स्मृति राजभाषा शील्ड के अंतर्गत तकनीकी वर्ग में सामग्री प्रबंधन विभाग ने प्रथम स्थान हासिल किया। उत्पादन विभाग दूसरे और योजना-परियोजना विभाग तीसरे स्थान पर रहा। गैर-तकनीकी वर्ग में प्रशासन विभाग और औद्योगिक संबंध विभाग ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्रमशक्ति विभाग दूसरे तथा लोक सूचना विभाग तीसरे स्थान पर रहा।

क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रदर्शन में भटगांव क्षेत्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कोरबा क्षेत्र दूसरे और जोहिला क्षेत्र तीसरे स्थान पर रहा। इन उपलब्धियों के माध्यम से एसईसीएल के विभिन्न विभागों और क्षेत्रों में राजभाषा हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों को सम्मानित किया गया।

वर्षभर शत-प्रतिशत पत्राचार हिंदी में करने वाले 11 विभागों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इनमें जनसंपर्क, सुरक्षा, उत्खनन, पीएफ-पेंशन, औद्योगिक अभियांत्रिकी, गुणवत्ता नियंत्रण, ईएंडटी, विपणन-विक्रय, अधिकारी स्थापना, भूमिगत खदान एवं प्रणाली विभाग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्रणाली विभाग एवं प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग तथा नगर प्रशासन विभाग को सर्वोच्च सहभागिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

समारोह में हिंदी के क्षेत्र में शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में निर्णायक और जांचकर्ता की भूमिका निभाने वाले विद्वानों, शिक्षाविदों एवं साहित्यकारों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित राजभाषा पखवाड़े का यह समापन समारोह कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करने के साथ कर्मचारियों, विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों को हिंदी भाषा एवं साहित्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

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