Chhattisgarh

दुर्ग केंद्रीय जेल में प्रदेश की पहली खुली जेल शुरू, 30 बंदी दिन में करेंगे काम, शाम को लौटेंगे जेल

दुर्ग, 22 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में बंदियों के सुधार, पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। केंद्रीय जेल दुर्ग में मंगलवार को प्रदेश की पहली खुली जेल (ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन-OCI) का शुभारंभ किया गया। डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने खुली जेल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक मनीष संभाकर सहित जेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बंदी उपस्थित रहे।

केंद्रीय जेल दुर्ग में उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए शुरू की गई यह खुली जेल राज्य में अपनी तरह की पहली व्यवस्था है। इसका उद्देश्य ऐसे पात्र बंदियों को नियंत्रित वातावरण में रहते हुए काम करने और समाज के साथ पुनः जुड़ने का अवसर प्रदान करना है। इस व्यवस्था के तहत खुली जेल में कुल 30 बंदियों को रखा जाएगा।

खुली जेल में रहने वाले बंदी निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत सुबह जेल परिसर से बाहर निकलकर विभिन्न कार्यों के लिए जा सकेंगे। वे दिनभर अपने निर्धारित कार्यों में शामिल होने के बाद शाम को जेल में वापस लौटेंगे। लॉकअप की निर्धारित प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी बंदियों की जेल में वापसी सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यवस्था के माध्यम से बंदियों को जिम्मेदारी, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

जेल विभाग के अनुसार, खुली जेल की व्यवस्था बंदियों के सुधार और पुनर्वास की अवधारणा पर आधारित है। सामान्य जेल व्यवस्था की तुलना में इसमें पात्र बंदियों को नियंत्रित स्वतंत्रता के साथ कार्य करने का अवसर दिया जाता है, जिससे वे रोजगार से जुड़ने के साथ अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को भी बेहतर तरीके से निभा सकें।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन ने 21 सितंबर 2026 को खुली जेल के संबंध में अधिसूचना जारी की थी। इसके अगले ही दिन केंद्रीय जेल दुर्ग में ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन की शुरुआत की गई। जेल विभाग की इस पहल को बंदियों के सुधार, कौशल विकास, पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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