मान गए वैभव सूर्यवंशी, DRS का सही इस्तेमाल करने में धोनी से कम नहीं, Duleep Trophy में 100% रिकॉर्ड

नई दिल्ली, 08 सितंबर : दलीप ट्रॉफी के लिए वैभव सूर्यवंशी को जब उप-कप्तान बनाया गया था तब काफी सवाल उठे थे. लेकिन, अब लगता है वैभव को उप-कप्तानी देकर सही ही किया. वैभव के अंदर की लीडरशिप क्वालिटी तब निखरकर सामने आई, जब दलीप ट्रॉफी मुकाबलों के दौरान उन्होंने DRS लिया. ऐसा लगता है अंपायर के फैसले के खिलाफ DRS का सही इस्तेमाल करने में वैभव, धोनी से कम नहीं है. वैभव ने दलीप ट्रॉफी में अब तक जितने भी DRS लिए वो सही साबित हुए हैं.
वैभव सूर्यवंशी ने फिर किया DRS का सही इस्तेमाल
DRS के सही इस्तेमाल करने का वैभव सूर्यवंशी का सबसे ताजातरीन उदाहरण दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दिखा. फाइनल में साउथ जोन की पहली पारी के दौरान ओपनर रिकी भुई के खिलाफ जोरदार अपील हुई. ईस्ट जोन के गेंदबाज मुकेश कुमार की गेंद पर विकेटकीपर कुमार कुशाग्र ने रिकी भुई का कैच पकड़ा था, जिस पर अपील को अंपायर ने नकार दिया. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी भूमिका निभाई.
बतौर उप-कप्तान उन्होंने अपने कप्तान ईशान किशन को DRS लेने को कहा. ईशान ने वैभव के कहने पर DRS लिया, जिसके बाद अंपायर ने अपना फैसला बदला और रिकी भुई को आउट होना पड़ा.
वैभव सूर्यवंशी की सूझबूझ से मिला पहला विकेट
ये पूरी घटना साउथ जोन की इनिंग के छठे ओवर के दौरान की थी, साउथ जोन के स्कोर बोर्ड पर 10 रन लगे थे, तभी उसे रिकी भुई के तौर पर वो पहला झटका, वैभव सूर्यवंशी की सूझबुझ के चलते लगा.
सेमीफाइनल में भी वैभव ने लिया था सही DRS
वैभव सूर्यवंशी ने जैसे सही DRS लेकर दलीप ट्रॉफी के फाइनल में मुकेश कुमार को विकेट दिलाया, ठीक ऐसे ही उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन के खिलाफ भी DRS का इस्तेमाल कर उन्हें विकेट दिलाया था. वैभव ने वो DRS तब बतौर कप्तान लिया था. सेमीफाइनल के दौरान जब ईशान किशन हाथ में चोट लगने के चलते फील्ड से बाहर हो गए थे, तब वैभव ने ईस्ट जोन की कप्तानी की थी.




