अकलतरा में अवैध महुआ शराब पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 52 बोरी महुआ लहान समेत करीब 2 लाख की सामग्री नष्ट…

जांजगीर-चांपा, 08 सितंबर। जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में अकलतरा थाना पुलिस ने सबरिया डेरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 52 बोरी महुआ लहान और कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया। नष्ट की गई सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैडन यार्क और एसडीओपी अकलतरा डॉ. मैखलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि कोटमीसोनार क्षेत्र के सबरिया डेरा में बड़ी मात्रा में अवैध कच्ची महुआ शराब तैयार की जा रही है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नाले के किनारे दबिश दी। यहां पानी में छिपाकर रखा गया 52 बोरी महुआ लहान बरामद किया गया। इसके अलावा शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 18 बड़े बर्तन, चूल्हा, 10 जरकिन और करीब 80 पैकिंगशुदा सफेद झिल्ली/पाउच भी मिले। पुलिस टीम ने मौके पर ही महुआ लहान और शराब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री का नष्टीकरण कराया।

पुलिस के अनुसार, कोटमीसोनार क्षेत्र के सबरिया डेरा और धनवार डेरा में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब तैयार कर ऊंचे दामों पर बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
इसी कार्रवाई के दौरान 8 सितंबर की सुबह अकलतरा थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरसत्ती, कोटमीसोनार, लटिया और बम्हनीन में भी अवैध महुआ शराब निर्माण एवं बिक्री के खिलाफ छापेमारी की गई। ग्राम पीपरसत्ती में मुखबिर की सूचना पर दिलीप कुमार उर्फ पप्पू कुमार नायक, पिता स्व. रामप्रसाद नायक, उम्र 52 वर्ष, के दुकान और निवास पर दबिश दी गई। तलाशी के दौरान 26 नग प्लेन देशी शराब बरामद हुई। मामले में आरोपी के खिलाफ थाना अकलतरा में धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई में एसडीओपी अकलतरा डॉ. मैखलेन्द्र प्रताप सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू, सउनि सुरेन्द्र प्रताप कश्यप, प्रशिक्षु उप निरीक्षक पुष्पेन्द्र साहू, प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिव्या कुर्रे, आरक्षक महेन्द्र राज और शेष नारायण साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




