SIR पर विपक्ष के दावों को बीजेपी ने किया खारिज, कहा- 13 करोड़ मतदाताओं के नाम नहीं काटे गए

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में जारी राजनीतिक विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा ने रविवार को कहा कि SIR के तहत 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए नहीं गए हैं। पार्टी के मुताबिक, मसौदा मतदाता सूची में इन मतदाताओं को मृत, अनुपस्थित, स्थानांतरित या डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में चिह्नित किया गया है।
भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर SIR को लेकर विपक्ष के दावों और तथ्यों का विस्तृत विश्लेषण साझा किया। पार्टी ने कहा कि मसौदा मतदाता सूची में किसी नाम को चिह्नित किए जाने का मतलब यह नहीं है कि उसे अंतिम रूप से मतदाता सूची से हटा दिया गया है। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के साथ-साथ अपील की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा ने कांग्रेस पर SIR के खिलाफ लोगों के बीच भ्रम और डर फैलाने का अभियान चलाने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि विपक्ष द्वारा 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
फॉर्म-6 को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी भाजपा ने सफाई दी। पार्टी ने कहा कि नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मतदाताओं की सुविधा के लिए केवल एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया है।
भाजपा ने यह भी कहा कि मतदाता सूची की व्यवस्था अभी भी विकेंद्रीकृत है और राज्य चुनाव तंत्र के पास कानून के तहत आवश्यक अधिकार मौजूद हैं। पार्टी के अनुसार, जून 2025 से अब तक देशभर में कुल 2.37 करोड़ नए युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ा गया है।
SIR को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। वहीं भाजपा का कहना है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है। पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि दावे, आपत्तियों और अपीलों के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।




