Chhattisgarh

KORBA: पेंशन दिलाने पंच ने ली रिश्वत, अधिकारियों का नाम लेकर 9 हजार ऐंठे परित्यक्ता से

कोरबा। एक तरफ जहां राज्य में विष्णु के सुशासन वाली सरकार एक ओर सुशासन शिविर लगाकर जनता की समस्या का समाधान करने के लिए जुटी है तो दूसरी ओर चंद जनप्रतिनिधि के ही द्वारा जनता के साथ ठगी करने का कार्य किया जाता है। इस तरह का एक मामला प्रकाश में आया है। शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश जारी किया है।


यह मामला कोरबा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत रजगामार की निवासी पीड़िता गायत्री प्रजापति का है जो कि परित्यक्ता है। इन्हें मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत शासन से पेंशन मिलता है। विगत दो वर्षों से उनका पेंशन रुक गया था। ग्राम रजगामार के वार्ड क्रमांक 5 के पंच जितेंद्र राठौर के द्वारा पीड़िता को कहा गया कि रुका हुआ पेंशन मैं दिला सकता हूं। उसके लिए 9000 रुपए की रिश्वत मांगी गई। अंततः 2 साल का रुका पेंशन जारी हो गया व 14 हजार रुपए उसे मिले। पैसा जारी होते ही 9000 रुपये की मांग हुई।


पीड़िता ने पंच जितेंद्र राठौर पंच से कहा कि 8000 रुपये ले लो तो अधिकारियों को भी देना पड़ता है कह कर 9000 रुपये रजगामार के सरपंच हरिसिंह राठिया के बेटे चंद्रभान राठिया के माध्यम से ले लिया गया।
पेंशन दिलाने के नाम से रिश्वत लेने की शिकायत पीड़िता ने कलेक्टर से की।

कलेक्टर ने गंभीरता पूर्वक लेते हुए सीईओ जिला पंचायत कोरबा को जांच का आदेश दिया। सीईओ जिला पंचायत के निर्देश पर उपसंचालक पंचायत जिला पंचायत कोरबा ने दिनांक 13/05/2026 को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर तीन दिवस के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए आदेश जारी कर दिया है। जांच टीम में जयश्री अग्रवाल सहायक लेखा अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा, ज्योति राज विकास विस्तार अधिकारी एवं चतुरानंद सिंह कंवर सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण सह करारोपण अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा शामिल हैं।


अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़िता के शिकायत पर कितना गंभीर होता है या पूर्व की भांति जितेंद्र राठौर अधिकारियों से साथ मिलकर मामला को शांत कराने में कामयाब होता है, जितेंद्र राठौर पंच को अभयदान मिलता है या दण्ड…? प्रशासन की कार्यवाही पर नजर टिकी हुई है।

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