Chhattisgarh

CG News: गोल्डी शर्मा की कथित पोस्ट के बाद भड़की नाराजगी, विरोध में वायरल हुआ पोस्टर; गौ रक्षा के नाम पर वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप

बिलासपुर, 09 सितम्बर 2026 । आरंग के गुदगुदा गांव में सतनामी समाज के सदस्य से कथित मारपीट और जातिगत टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार कथित गौ सेवक गोल्डी शर्मा को लेकर विवाद अब सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। गोल्डी शर्मा की बिलासपुर पुलिस और सरकार को लेकर की गई कथित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उनके विरोध में एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्टर में धर्म के नाम पर बयानबाजी, कथित दबंगई और गौ रक्षा के नाम पर कथित वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

वायरल पोस्टर में गोल्डी शर्मा की तस्वीर के साथ उनकी कथित सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी लगाया गया है। इसमें “सतनामी समाज को निशाना बनाकर हिंदू धर्म की दुहाई?” और “गोल्डी शर्मा, पहले अपने गिरेबान में झांके!” जैसे सवाल उठाए गए हैं। पोस्टर में दावा किया गया है कि सतनामी समाज के लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के बाद धर्म के नाम पर की जा रही बयानबाजी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

गौ रक्षा के नाम पर वसूली का आरोप

पोस्टर में गौ रक्षा के नाम पर गौ-तस्करी के आरोपियों से कथित तौर पर पैसे वसूले जाने का आरोप लगाया गया है। इसमें सवाल उठाया गया है कि यह गौ रक्षा है या वसूली का खेल। हालांकि, पोस्टर में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है।

जुलूस और बिलासपुर बंद की कथित चेतावनी पर भी सवाल

वायरल पोस्टर में गोल्डी शर्मा की कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी नाराजगी जताई गई है। दावा किया गया है कि पोस्ट में बिलासपुर पुलिस और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए जुलूस निकालने और बिलासपुर बंद कराने की चेतावनी दी गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि गुदगुदा गांव में भैंसों से भरे वाहन को रोकने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद गोल्डी शर्मा और उनके साथियों पर बलराम कुर्रे के साथ गाली-गलौज, जातिगत टिप्पणी और मारपीट करने के आरोप लगाए गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सतनामी समाज के लोगों ने आरंग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई करते हुए गोल्डी शर्मा को गिरफ्तार किया।

“सनातन जोड़ता है, तोड़ता नहीं” का संदेश

गोल्डी शर्मा के विरोध में वायरल पोस्टर में “सनातन जोड़ता है, तोड़ता नहीं” का संदेश देते हुए धर्म और जाति के नाम पर विवाद बढ़ाने वाली बयानबाजी पर सवाल उठाए गए हैं। पोस्टर में यह भी कहा गया है कि धर्म को निजी राजनीति का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।

फिलहाल गोल्डी शर्मा की गिरफ्तारी के बाद वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और विरोधी पोस्टर ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पोस्टर में लगाए गए वसूली समेत अन्य आरोपों की सत्यता जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सोशल मीडिया पर बढ़ती बयानबाजी के बीच अब पुलिस-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

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