National

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसलाः देश के 7 हाईडेंसिटी रेलवे प्रोजेक्ट को 4 लेन करने की मंजूरी दी, छत्तीसगढ़ को होगा बंपर फायदा

Modi cabinet Approves 4 laning Of 7 Railway Projects: 7 हाईडेंसिटी रेलवे प्रोजेक्ट को लेकर मोदी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार ने भारतीय रेलवे (Indian Railways) नेटवर्क को अब फोर-लेन करने का फैसला किया है। मोदी कैबिनेट ने देश के 7 रेलवे प्रोजेक्ट को 4 लेन करने की मंजूरी दी है। इसमें कोलकाता-दिल्ली, चेन्नई-कोलकाता, दिल्ली-मुंबई, मु्ंबई-चेन्नई, प्रोजेस्ट भी शामिल हैं।

फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हाईडेंसिटी वाले रेलवे को 4 लेन की योजना शुरू हो गई है। अभी इसके लिए 7 रेलवे रूट को मंजूरी दी गई है। वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट ने 4 लेन रूट बिछाने की मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने इसके तहत 7 नए प्रोजक्‍ट को मंजूरी दी है। यह सात प्रोजेक्‍ट्स अलग-अलग रूटों पर काम करेंगे यानी कि सात रूटों को 4-लेन करने का काम किया जाएगा। इसमें कोलकाता-दिल्ली, चेन्नई-कोलकाता, दिल्ली-मुंबई, मु्ंबई-चेन्नई, प्रोजेस्ट भी शामिल हैं। इन रूटों पर ज्‍यादा भीड़ होने के कारण इन्‍हें फोर-लेन किया जा रहा है। इससे यात्रियों का आवागमन तो बेहतर होगा ही। साथ ही कनेक्टिविटी ज्‍यादा फास्‍ट होगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली से मुंबई, मुंबई से चेन्नई, चेन्नई से कोलकाता और कोलकाता से दिल्ली और फिर वापस मुंबई यह ‘गोल्डन क्वाड्रिलैटरल’ बनाता है। अब इसके दो डायगोनल हैं- दिल्ली से चेन्नई और मुंबई से कोलकाता। इसके अलावा दिल्ली से गुवाहाटी का रूट भी है। इस तरह, सात हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को चार-लेन का बनाया जा रहा है। सभी प्रोजेक्ट्स पर एक-एक करके काम चल रहा है। लगभग 4,000 किलोमीटर के लिए अभी DPR तैयार की जा रही है।

कोलकाता-दिल्ली, चेन्नई-कोलकाता, दिल्ली-मुंबई, मु्ंबई-चेन्नई, बिलासपुर-कटनी फोन लेन रेलवे ट्रैक को मंजूरी दी गई है। मुंबई हावड़ा हाई डेंसिटी नेटवर्क रूट पर खड़गपुर से झारसुगुड़ा तक 4th रेल लाइन को मंजूरी दी गई है। इसकी लंबाई 367 KM है और इस पर 6528 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अरकुनम से रेनिगुन्टा तक 3rd और 4th लाइन को मंजूरी दी गई है, जिसकी लंबाई 77 KM होगी और इस पर 1936 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगें।

7 रेलवे प्रोजेक्ट को 4 लेन करने की मंजूरी का छत्तीसगढ़ को बंपर फायदा होगा। बिलासपुर से पेंड्रा और पेंड्रा से आगे कटनी की ओर कुछ जगहों पर पहले से ही तीन लाइनें बनी हुई हैं। जबकि कुछ जगहों पर दोहरी लाइनें हैंष। इसी वजह से बिलासपुर से कटनी तक के पूरे सेक्शन को चार-लेन वाला बनाया जा रहा है। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में भारतीय रेलवे का नेटवर्क लगभग 656 किलोमीटर बढ़ जाएगा। इस प्रोजेक्ट्स से तारातारिणी मंदिर, झारसुगुड़ा का जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, विराटेश्वर मंदिर, अमरकंटक, ज्वालेश्वर धाम, अचनकमार टाइगर रिजर्व, खुटाघाट बांध और रतनपुर महामाया मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा आसान होगी.

Related Articles

Back to top button