बलौदा के पीएमश्री स्कूल में प्रधान पाठक निलंबित, ‘गॉड इज ग्रेट’ प्रार्थना और मतांतरण के आरोपों से मचा बवाल

जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा स्थित पीएमश्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज को गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। उन पर स्कूल के बच्चों को हिन्दू संस्कृति और देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काने, मतांतरण के लिए प्रभावित करने और प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान “जन गण मन” की जगह “गॉड इज ग्रेट” जैसे धार्मिक वाक्य सिखाने के आरोप लगे हैं। मामले ने गांव से लेकर शिक्षा विभाग तक हलचल मचा दी है।
ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में लंबे समय से धार्मिक गतिविधियों के जरिए बच्चों की सोच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। शिकायतें लगातार शिक्षा विभाग तक पहुंचाई जा रही थीं, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।
मामला उस समय तूल पकड़ गया जब 7 मई को ग्राम भिलाई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों और हिन्दू संगठनों ने खुलकर इस मुद्दे को उठाया। शिविर में शिकायत सामने आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से प्रधान पाठक के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की प्रार्थना सभा में बच्चों को राष्ट्रगान के स्थान पर धार्मिक पंक्तियां बोलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। जैसे-जैसे यह जानकारी गांव में फैली, अभिभावकों ने सरकारी स्कूल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। लोगों ने आरोप लगाया कि छोटे बच्चों को उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से दूर करने का प्रयास किया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बलौदा में भी प्रकरण दर्ज किया गया है। लोक शांति भंग होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए बीएनएसएस की धारा 126 और 135(3) के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच के दौरान केवल धार्मिक गतिविधियों ही नहीं, बल्कि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए हैं। शिकायत में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन समिति की राशि का उपयोग बिना अनुमति किया गया। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक समग्र शिक्षा और अन्य मदों से मिली अनुदान राशि में गड़बड़ी, फर्जी बिल-वाउचर लगाने और रिश्तेदारों के नाम पर पीपीओ जारी कर राशि निकालने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इन मामलों को लेकर प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है।
इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत लक्ष्मी देवी भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलौदा निर्धारित किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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