छत्तीसगढ़ में औषधीय खेती की बड़ी क्रांति: वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक अनुज शर्मा ने 228 हितग्राहियों को बांटे ₹1 करोड़ से अधिक के अग्रिम चेक

0 नारायणपुर, धमतरी और GPM जिले के किसानों को मिला बड़ा आर्थिक संबल; विधायक अनुज शर्मा बोले- “आदिकाल से जड़ी-बूटियों का गढ़ रही है हमारी पावन धरा”
रायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड, रायपुर द्वारा औषधीय पादप कृषकों के कृषिकरण हेतु ‘अग्रिम प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक अनुज शर्मा एवं राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कुल 228 हितग्राहियों को 1,00,20,492 रुपये (एक करोड़ बीस हजार चार सौ बयानबे रुपये) की राशि का अग्रिम भुगतान चेक के माध्यम से किया।
कस्टम फार्मिंग, अनुबंध खेती और अभिसरण मॉडल पर जोर
बोर्ड द्वारा राज्य में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए कस्टम फार्मिंग, अनुबंध खेती (कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग) एवं अभिसरण (कन्वर्जेंस) मॉडल को तेजी से लागू किया जा रहा है। इस विशेष पहल के तहत गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जी.पी.एम.) जिले में कस्टम फार्मिंग तथा धमतरी व नारायणपुर जिलों में अनुबंध खेती एवं कस्टम फार्मिंग के माध्यम से औषधीय पौधों के कृषिकरण कार्य को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पारंपरिक स्वास्थ्य परंपराओं को सहेजने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: वन मंत्री केदार कश्यप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा, “राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की पारंपरिक स्वास्थ्य परंपराओं को सहेजने और औषधीय पौधों की खेती को किसानों के लिए लाभकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि इस प्रोत्साहन राशि से किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ औषधीय फसलों को अपनाने में बड़ी मदद मिलेगी, जिससे सीधे तौर पर उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
यह दिन छत्तीसगढ़ के औषधीय पादप कृषकों के आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का ऐतिहासिक मील का पत्थर: विधायक अनुज शर्मा
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधायक अनुज शर्मा ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा, “आज का यह दिन हमारे छत्तीसगढ़ के औषधीय पादप कृषकों के आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। हमारी यह पावन धरा आदिकाल से ही जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक औषधियों का गढ़ रही है। हमारे आदिवासी भाइयों और ग्रामीण किसानों ने इस पारंपरिक ज्ञान को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेज कर रखा है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे यह कहते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है कि आज हमारी सरकार ‘छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड’ के माध्यम से आप सभी किसानों की मेहनत को न केवल सम्मान दे रही है, बल्कि आपकी आर्थिक प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। यह अग्रिम भुगतान इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार किसान भाइयों को खेती शुरू करने से पहले ही आर्थिक संबल प्रदान करना चाहती है, ताकि धन के अभाव में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।”
पूरी दुनिया को मिलेगा छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटियों का लाभ
विधायक अनुज शर्मा ने वन मंत्री का आभार जताते हुए कहा, “जब हमारी महिला स्व-सहायता समूह की बहनें और किसान भाई पारंपरिक फसलों के साथ-साथ औषधीय पौधों का कृषिकरण करेंगे, तो न केवल हमारी आय दोगुनी होगी, बल्कि पूरी दुनिया को छत्तीसगढ़ की शुद्ध और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का लाभ मिलेगा। मैं माननीय वन मंत्री जी का धन्यवाद व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपनी दूरदर्शी योजना को धरातल पर उतारा। आप सभी हितग्राही किसानों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं।”
जिलावार वित्तीय वितरण: आंकड़ों पर एक नजर
राज्य के तीन प्रमुख जिलों में हितग्राहियों को दी गई राशि का विवरण इस प्रकार है:
1. धमतरी जिला (कुल 83 हितग्राही – ₹40,34,732)
2. गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला (कुल 120 हितग्राही – ₹54,48,605)
3. नारायणपुर जिला (कुल 25 हितग्राही – ₹5,37,155)




