सरकारी विभाग में नौकरी लगाने का दिया झांसा फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 2 लाख की ठगी…

रायपुर, 05 सितंबर । राजधानी रायपुर में सरकारी विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी करने और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने का मामला सामने आया है। तेलीबांधा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की विवेचना में कृष्णा अवस्थी नाम के व्यक्ति की भूमिका सामने आई है। आरोपी फिलहाल एक अन्य मामले में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर निवासी विनोद कुमार वर्मा ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उनका उपयोग किया गया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद तेलीबांधा पुलिस ने अपराध क्रमांक 381/2026 दर्ज किया है। मामले में बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए संबंधित दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की पड़ताल शुरू की।
इसी दौरान कसडोल निवासी हेमंत साहू से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई, जिसके आधार पर मामले में कृष्णा अवस्थी का नाम सामने आया। विवेचना में पुलिस को जानकारी मिली कि कृष्णा अवस्थी ने नौकरी लगवाने के नाम पर हेमंत साहू से दो लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि रकम लेने के एवज में हेमंत साहू को एक फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र दिया गया। पुलिस अब इस नियुक्ति पत्र की जांच करने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इसे कहां और किस माध्यम से तैयार किया गया था तथा पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।पुलिस के अनुसार कृष्णा अवस्थी पिता कुंजराम अवस्थी उम्र 53 वर्ष ग्राम रिसदा थाना पलारी क्षेत्र का निवासी है। आरोपी कृष्णा अवस्थी पहले से ही थाना पलारी के अपराध क्रमांक 347/2026 में जेल में निरुद्ध है।
उस मामले में उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। चूंकि आरोपी वर्तमान में दूसरे प्रकरण में न्यायिक अभिरक्षा में है, इसलिए तेलीबांधा पुलिस इस मामले में उससे पूछताछ और अन्य आवश्यक विवेचनात्मक कार्रवाई के लिए न्यायालय से विधिवत आदेश प्राप्त करेगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फर्जी नियुक्ति पत्र और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों एवं साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर की गई कथित धोखाधड़ी में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं। प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच भी जारी है।




