लोक खरीद में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी : हिमांशु जैन

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) हिमांशु जैन ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL), कोलकाता में आयोजित तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान के तहत ‘लोक खरीद’ (Public Procurement) और ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सतर्कता’ विषय पर प्रशिक्षण-सह-संवाद सत्र को संबोधित किया।
सत्र में हिमांशु जैन ने लोक खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और जवाबदेही के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन के प्रभावी और उत्तरदायी उपयोग के लिए खरीद प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में सतर्कता संबंधी प्रावधानों और नैतिक मानकों का पालन जरूरी है। उन्होंने निवारक सतर्कता को केवल अनियमितताओं की रोकथाम का माध्यम न मानते हुए इसे सुशासन और बेहतर प्रशासनिक संस्कृति को मजबूत करने का प्रभावी साधन बताया।
अपने व्याख्यान में जैन ने लोक खरीद प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, जैसे आवश्यकता निर्धारण, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने, निविदा आमंत्रण, बोली मूल्यांकन, अनुबंध प्रदान करने, कार्य निष्पादन और भुगतान प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इन चरणों में संभावित जोखिमों की पहचान और उनके प्रभावी प्रबंधन के उपाय भी बताए।
उन्होंने विभिन्न केस स्टडी और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रोबिटी (Probity) के सिद्धांतों के पालन की आवश्यकता समझाई।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ लोक खरीद प्रक्रिया से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं और चुनौतियों पर संवाद हुआ। DFCCIL के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा SECL के विभिन्न निविदा-संबंधित विभागों के अधिकारी, विशेषकर युवा कार्यपालक, SECL मुख्यालय तथा एमडीआई, बिलासपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
सत्र के माध्यम से विभिन्न संगठनों के अधिकारियों को अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का अवसर मिला। कार्यक्रम को निवारक सतर्कता, क्षमता निर्माण, सुशासन और सत्यनिष्ठा आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।




