झूला ग्राउंड में श्रद्धा के साथ मनाया कमरछठ पर्व, माताओं ने रखा निर्जला व्रत

कोरबा। वार्ड क्रमांक 19 स्थित झूला ग्राउंड, सीएसईबी कॉलोनी कोरबा पूर्व में माताओं ने संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर श्रद्धापूर्वक कमरछठ (हलषष्ठी) व्रत रखा। इस अवसर पर महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से षष्ठी माता की पूजा-अर्चना की और अपने पुत्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कमरछठ का पर्व मातृत्व की आस्था और संतान के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है। व्रत रखने वाली माताएं इस दिन बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं। पूजा में विशेष रूप से भैंस के दूध तथा पसहर चावल का उपयोग किया जाता है। महिलाओं ने पारंपरिक रूप से पूजा की थाली सजाकर षष्ठी माता की आराधना की तथा परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
धार्मिक मान्यता के अनुसार कमरछठ पर्व भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान बलराम का प्रमुख अस्त्र हल माना जाता है, जिसके कारण इस पर्व को हलषष्ठी या हलछठ भी कहा जाता है। इस दिन माताएं भगवान शिव-पार्वती और षष्ठी माता की पूजा-अर्चना कर संतान की लंबी आयु और निरोगी जीवन की कामना करती हैं।
झूला ग्राउंड में आयोजित पूजा के दौरान महिलाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। माताओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए संतान की खुशहाली और परिवार की समृद्धि की कामना की।




