Chhattisgarh

रायगढ़ में हाथी का खूनी हमला: बस्ती के पास ग्रामीण को कुचला, मौके पर मौत; धरमजयगढ़ में 129 हाथियों की मौजूदगी से बढ़ी चिंता

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। जंगल से निकलकर बस्ती के पास पहुंचे हाथी का अचानक ग्रामीण से सामना हो गया। हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दिया, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारूमा रेंज अंतर्गत ग्राम जमावीरा की है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम जमावीरा निवासी रतन गुप्ता उर्फ चंदन (60) शनिवार रात करीब 2 बजे किसी काम से घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान जंगल की ओर से एक हाथी बस्ती के नजदीक पहुंच गया। अंधेरे में अचानक ग्रामीण का हाथी से सामना हो गया। इससे पहले कि रतन गुप्ता कुछ समझ पाते, हाथी ने उन पर हमला कर दिया।

हाथी के हमले में रतन गुप्ता के सिर पर गंभीर चोट आई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद हाथी कुछ देर तक आसपास रहा और फिर वापस जंगल की ओर लौट गया। ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल वन विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव का पंचनामा कराया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में हाथी की गतिविधियों की निगरानी भी की जा रही है।

शनिवार के रिकॉर्ड के अनुसार, धरमजयगढ़ वन मंडल में कुल 129 हाथी मौजूद हैं। इनमें 38 नर हाथी, 59 मादा हाथी और 32 शावक शामिल हैं। हाथियों के अलग-अलग दल वन मंडल की विभिन्न रेंज के जंगलों में विचरण कर रहे हैं। बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी के कारण वन विभाग के सामने ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-हाथी संघर्ष रोकने की चुनौती बनी हुई है।

बाकारूमा रेंज में फिलहाल 2 से 3 हाथियों के अकेले विचरण करने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग की टीमें हाथियों की लगातार निगरानी कर रही हैं और ग्रामीणों को भी जंगल तथा हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद रात के समय अचानक ग्रामीणों का हाथियों से सामना होने के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है।

रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। जंगल से सटे गांवों में हाथियों की आवाजाही के कारण ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वन विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी के साथ ग्रामीणों को सतर्क करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बस्ती के करीब हाथियों के पहुंचने से सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

इस घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्र से लगे गांवों में मानव-हाथी संघर्ष की गंभीरता को सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण रात के समय घर से बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। वन विभाग की ओर से हाथियों की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है, ताकि ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा सके।

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