जांजगीर-चांपा में पर्यावरण कार्यालय खोलने की मांग, प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी को सौंपा गया आवेदन

जांजगीर-चांपा। जिले में बढ़ते औद्योगिक विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की बढ़ती जरूरत को देखते हुए एक अहम पहल सामने आई है। आज जिले के प्रभारी मंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी से मुलाकात कर जांजगीर-चांपा में पृथक पर्यावरण कार्यालय खोलने के लिए आवेदन सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि जांजगीर-चांपा जिला तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके चलते पर्यावरण संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर पर्यावरण कार्यालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक हो गई है, ताकि आम जनता को समय पर समाधान मिल सके और उद्योगों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित हो सके।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान में पर्यावरण से जुड़े मामलों के लिए लोगों को बिलासपुर जाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की अनावश्यक खपत होती है। यदि जिले में ही पर्यावरण कार्यालय खुलता है, तो इससे न केवल आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में भी तेजी आएगी।
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अंबेश जांगड़े और जिला प्रवक्ता विकास शर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा एक औद्योगिक और कृषि प्रधान जिला है, जहां पर्यावरण संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। स्थानीय स्तर पर कार्यालय खुलने से विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी।
प्रतिनिधियों ने मंत्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है और इसके लिए ठोस कदम उठाना समय की मांग है।
“पर्यावरण सुरक्षित होगा, तभी भविष्य सुरक्षित होगा।”




