Chhattisgarh

कोरबा : एक तरफ पर्यावरण का संरक्षण तो दूसरी ओर अतिक्रमण से संरक्षित हुई शासकीय भूमि

0 नगर निगम कोरबा का सराहनीय कार्य, जिला खनिज न्यास मद से स्याही मुड़ी आत्मानंद स्कूल परिसर बना ग्रीन जोन , कैंपस हुआ सुरक्षित, अतिक्रमण से बची शासकीय भूमि

कोरबा, 2 मई । जिला खनिज् न्यास मद की बदौलत नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक 51 स्याहीमुड़ी आत्मानंद हाई स्कूल परिसर से एक ऐसी तस्वीर बाहर निकल कर आई है , जिसमें एक तरफ पर्यावरण संरक्षण को बल मिला है तो दूसरी ओर शासकीय जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को दूर कर जमीन को अतिक्रमण से संरक्षित किया गया है । नगर पालिक निगम कोरबा के इस कदम से स्कूल परिसर आज एक ग्रीन जोन बन चुका है तो वहीं दूसरी ओर सुसज्जित कैंपस की सौगात वि
द्यालय को मिली है।

अनवरत रूप से चलने वाले विकास व निर्माण कार्य एक सतत प्रक्रिया है, इन विकास कार्यों के कारण ही सुविधाए बढ़ती हैं , व्यवस्थाएं बदलती हैं , आमजन की समस्याएं कम होती हैं तथा इन्हीं विकास कार्यों की बदौलत विकसित शहर, विकसित गांव व विकसित भारत के सपने को पंख लगते हैं , किंतु किसी भी विकास व निर्माण कार्य की प्रासंगिकता तब और बढ़ जाती है , जब कार्य के उद्देश्य से दो कदम आगे बढ़कर हमें उस कार्य के परिणाम हासिल हो जाते हैं ,और इसी का प्रत्यक्ष उदाहरण है स्याही मुड़ी स्थित आत्मानंद स्कूल परिसर में निगम द्वारा किए गए कार्य।

नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्र 51 स्याही मुड़ी स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय हाई स्कूल परिसर से लगी हुई जमीन अवैध कब्जे की भेंट चढ़ रही थी, लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे थे तथा उक्त शासकीय जमीन के अतिक्रमण से ग्रस्त होने की पूरी पूरी संभावना थी। परिसर के चारों ओर लगे पुराने वृक्ष व पौधे असुरक्षित थे , वहीं दूसरी ओर स्कूल परिसर पूर्ण रूप से खुला हुआ था, सुरक्षा का अभाव था । नगर पालिक निगम कोरबा ने वर्ष 2025 में जिला खनिज मद से स्वीकृत 20 लाख रुपए की लागत से 400 मीटर पक्की व मजबूत बाउंड्री वॉल का निर्माण करते हुए संपूर्ण स्कूल परिसर एवं परिसर के चारों ओर लगाए गए तथा अब व्रक्ष का रूप धारण कर चुके इन पौधों को संरक्षित करने का सराहनीय कार्य किया गया है , इससे एक और जहां पेड़ पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी इच्छा शक्ति जाहिर की गई है , वहीं दूसरी ओर विद्यालय परिसर सुव्यवस्थित व सुरक्षित हो चुका है , इसके साथ ही एक दूसरी सबसे बड़ी बात यह हुई है कि अब उक्त शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे की गुंजाइश नहीं रहेगी , अब जमीन अतिक्रमण की भेंट नहीं चढ़ेगी।

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