Chhattisgarh

जांजगीर-चांपा में एग्रीस्टैक की समीक्षा: 15 अगस्त तक पूरा करें किसान पंजीयन और बकेट क्लेम, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

जांजगीर-चांपा, 8 अगस्त 2026। जांजगीर-चांपा जिले में एग्रीस्टैक के तहत किसान पंजीयन और बकेट क्लेम की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शनिवार को जिले के सभी समिति सुपरवाइजर, ब्रांच मैनेजर, समिति प्रबंधक और समिति ऑपरेटरों की बैठक लेकर बकेट क्लेम एवं किसान पंजीयन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और मैदानी अमले को 15 अगस्त 2026 तक लंबित बकेट क्लेम और किसान पंजीयन का कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि किसान पंजीयन के दौरान किसान के नाम दर्ज सभी संबंधित खसरों को व्यवस्थित रूप से जोड़कर बकेट क्लेम की प्रक्रिया पूरी की जाए। किसी भी किसान का एक भी खसरा छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन प्रगति सुनिश्चित करने और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों से कहा कि जिन किसानों के बकेट क्लेम अभी लंबित हैं, उनसे सीधे संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि किसान के किसी खसरे या सह-खातेदार का नाम छूटने की स्थिति में बकेट क्लेम की प्रक्रिया अधूरी रह सकती है। इसलिए प्रत्येक किसान के पंजीयन और संबंधित खसरों की सावधानीपूर्वक जांच की जाए।

बैठक में कलेक्टर ने बकेट अनक्लेम्ड की सूची तैयार कर उसमें शामिल किसानों से संपर्क करने और उनके लंबित प्रकरणों का निराकरण कराने के निर्देश भी दिए। जिन किसानों का किसान पंजीयन पहले ही हो चुका है, उनके शेष खसरों को आवश्यकतानुसार जोड़ने या हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया।

कलेक्टर ने अधिकारियों को ऐसे किसानों की अलग सूची तैयार रखने के निर्देश दिए, जिनसे किसी कारणवश संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में मैदानी अमले की मदद से किसानों से संपर्क कर किसान पंजीयन और बकेट क्लेम की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान प्रक्रिया से बाहर न रह जाए।

एग्रीस्टैक में किसान पंजीयन की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 निर्धारित है। कलेक्टर ने जिले के सभी भूमिस्वामियों, नंबरदारों और सह-खातेदारों से अपील की है कि वे अपने नाम दर्ज सभी खसरों का किसान पंजीयन अनिवार्य रूप से करा लें। उन्होंने किसानों से कहा कि जब पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पंजीयन के लिए उनके घर पहुंचे, तो उन्हें अपना आधार और आवश्यक ओटीपी उपलब्ध कराएं। साथ ही सभी सह-खातेदारों का आधार और ओटीपी भी उपलब्ध कराएं, जिससे संबंधित सभी खसरों का पंजीयन पूर्ण हो सके।

किसान अपने नजदीकी चॉइस सेंटर या धान उपार्जन समिति में जाकर भी किसान पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा एग्रीस्टैक की वेबसाइट पर उपलब्ध किसान कॉर्नर के माध्यम से किसान स्वयं भी अपना पंजीयन कर सकते हैं।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने किसानों से अपील की है कि वे 15 अगस्त 2026 की अंतिम तिथि से पहले अपने तथा सभी सह-खातेदारों के सभी संबंधित खसरों का किसान पंजीयन अनिवार्य रूप से पूरा करा लें। किसान पंजीयन पूरा होने से भविष्य में धान विक्रय तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकेगा।

बैठक में डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह, अधीक्षक विनय पटेल सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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