Chhattisgarh

जशपुर में हाथियों का कहर: घर में सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला, 16 हाथियों के दल से गांव में दहशत

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में हाथियों का आतंक एक बार फिर ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हुआ है। बगीचा वनपरिक्षेत्र के घुघरी कदमटोली गांव में देर रात हाथियों के झुंड ने एक झोपड़ीनुमा घर पर हमला कर दिया। इस दौरान घर के अंदर सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग को हाथियों ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हाथियों ने बुजुर्ग के घर को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, घुघरी कदमटोली गांव जंगल से सटा हुआ है। बीती रात जंगल की ओर से हाथियों का दल गांव की तरफ पहुंचा। इसी दौरान हाथियों ने जंगल किनारे स्थित एक झोपड़ीनुमा मकान को निशाना बनाया। घर में 70 वर्षीय बुजुर्ग सो रहे थे। हाथियों ने घर को तोड़ते हुए बुजुर्ग को कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल होने के कारण बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।

हाथियों के अचानक गांव में घुसने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथियों का दल दोबारा गांव की ओर आ सकता है। जंगल से लगे इलाकों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

हाथियों ने केवल मकान को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि गांव के खेतों में लगी धान की फसल को भी रौंद दिया। इससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। एक तरफ हाथियों के हमले में एक बुजुर्ग की मौत से गांव में मातम है, वहीं दूसरी ओर फसल बर्बाद होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि बगीचा वनपरिक्षेत्र के महुआडीह जंगल में करीब 16 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का जायजा लिया।

वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जंगल से लगे गांवों में लोगों से रात के समय घर से बाहर नहीं निकलने और हाथियों के करीब नहीं जाने की अपील की जा रही है।

इस घटना के बाद घुघरी कदमटोली सहित आसपास के गांवों में भी हाथियों की मौजूदगी को लेकर डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांवों की ओर आने से उनकी जान और फसल दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग के सामने अब हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है।

जशपुर जिले में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। जंगलों से लगे गांवों में हाथियों की आवाजाही के कारण ग्रामीणों को अक्सर जान-माल और फसल के नुकसान का सामना करना पड़ता है। घुघरी कदमटोली की ताजा घटना ने एक बार फिर वन्यजीव और मानव आबादी के बीच बढ़ते संघर्ष को सामने ला दिया है।

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