Chhattisgarh

बालको नगर में नाले के किनारे घायल अवस्था में मिला कबरबिज्जू, जागरूक नागरिकों की सूचना पर वन विभाग ने किया सफल रेस्क्यू

कोरबा। जिले के बालको नगर क्षेत्र में एक घायल वन्यजीव कबरबिज्जू के मिलने से स्थानीय लोगों में हलचल मच गई। भदरापारा मुख्य मार्ग पर साहू मोमोस दुकान के समीप नाले के किनारे कबरबिज्जू घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। चोट लगने के कारण वह ठीक से चलने-फिरने में असमर्थ नजर आ रहा था। इस दौरान स्थानीय जागरूक नागरिकों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से घायल वन्यजीव को सुरक्षित रेस्क्यू कर उपचार के लिए ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार, बालको नगर के भदरापारा मुख्य मार्ग पर नाले के किनारे घायल कबरबिज्जू दिखाई दिया। वन्यजीव की हालत देखकर स्थानीय निवासी रवि निर्मलकर ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग और वन्यजीव रेस्क्यू टीम को दी। उन्होंने घायल वन्यजीव को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाए बिना संबंधित विभाग को इसकी जानकारी देकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दिया।

सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायल कबरबिज्जू को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान शुरू किया। टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए वन्यजीव का सफल रेस्क्यू किया। घायल होने के कारण कबरबिज्जू को विशेष देखभाल की आवश्यकता थी, जिसे ध्यान में रखते हुए वन विभाग की टीम उसे उपचार के लिए अपने साथ ले गई।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घायल कबरबिज्जू को आवश्यक उपचार और देखभाल के लिए सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उसकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होने और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी सुरक्षित जंगल में वापस छोड़ दिया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम में रवि निर्मलकर के साथ शुभम गोस्वामी, सोमनाथ राजपूत, प्रभात साहू और संजू कोरी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने घायल वन्यजीव की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वन विभाग को सहयोग प्रदान किया। स्थानीय नागरिकों की इसी जागरूकता और तत्परता के कारण समय रहते घायल कबरबिज्जू को मदद मिल सकी।

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने रवि निर्मलकर और उनके साथियों की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए आम नागरिकों की जागरूकता बेहद जरूरी है। किसी भी घायल या संकट में फंसे वन्यजीव को देखकर उसके साथ छेड़छाड़ करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम सुरक्षित तरीके से उसकी मदद कर सके।

बालको नगर में हुई यह घटना वन्यजीव संरक्षण के प्रति नागरिकों की संवेदनशीलता का उदाहरण बनकर सामने आई है। स्थानीय युवाओं की सजगता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक घायल वन्यजीव को समय पर उपचार मिल सका। इस घटना ने यह संदेश भी दिया है कि आम नागरिकों की छोटी-सी पहल वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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