Chhattisgarh

मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना से कोरबा की बेटियों के सपनों को मिले पंख, 7 किलोमीटर दूर स्कूल पहुंचना हुआ आसान

कोरबा, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए शिक्षा की राह आसान बना रही है। कोरबा जिले के पोंड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुम्हारीसानी की बेटियां अब साइकिल के सहारे कठिन रास्तों को पार कर नियमित स्कूल पहुंच रही हैं। योजना के तहत मिली निःशुल्क साइकिल ने छात्राओं की स्कूल तक पहुंच आसान बनाने के साथ ही आगे की पढ़ाई जारी रखने का हौसला भी बढ़ाया है।

जिला मुख्यालय से लगभग 100 से 110 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुम्हारीसानी के अधिकांश परिवार खेती-किसानी पर निर्भर हैं। गांव से हायर सेकेंडरी स्कूल की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर है। स्कूल पहुंचने के लिए छात्राओं को ऊबड़-खाबड़ रास्तों, चढ़ाई-उतार और जंगल के बीच से गुजरना पड़ता है। पहले लंबी दूरी और आवागमन की परेशानियों के कारण कई बालिकाएं मिडिल स्कूल के बाद अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाती थीं, लेकिन मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना ने उनकी मुश्किलें काफी हद तक कम कर दी हैं।

ग्राम कुम्हारीसानी की साधना वर्तमान में कक्षा 11वीं की छात्रा हैं। उनके पिता खेती-किसानी करते हैं। साधना को कक्षा 9वीं में मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल मिली थी। इसके बाद पसान स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल तक उनका सफर आसान हो गया। अब वे नियमित स्कूल पहुंचकर अपनी पढ़ाई जारी रख रही हैं। साधना आगे उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।

इसी गांव की मनीषा भी कक्षा 11वीं में वाणिज्य विषय की पढ़ाई कर रही हैं। उनका परिवार भी कृषि कार्य से जुड़ा है। मनीषा प्रतिदिन सुबह साइकिल से स्कूल जाती हैं और छुट्टी के बाद उसी से घर लौटती हैं। घाट और घुमावदार रास्तों के बावजूद साइकिल मिलने से उनके आवागमन में सुविधा हुई है।

छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत कक्षा 9वीं की पात्र छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य स्कूल की दूरी के कारण बालिकाओं की पढ़ाई बाधित होने से रोकना और उन्हें आगे की शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।

कुम्हारीसानी की साधना और मनीषा जैसी छात्राओं के लिए यह योजना उपयोगी साबित हो रही है। साइकिल मिलने से न केवल स्कूल आने-जाने में सुविधा हुई है, बल्कि छात्राओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्य भी साइकिल का उपयोग कर पाते हैं। छात्राओं और उनके परिजनों ने योजना के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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