मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह में पहुंचे वनमंत्री केदार कश्यप…

नारायणपुर, 05 सितंबर। जिला मुख्यालय स्थित ए.जी. ऑडिटोरियम में आज मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप तथा राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहे। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अनुशासन, संस्कार, धैर्य और संकल्प के साथ शिक्षा एवं ज्ञान के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने से जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि परिवार व्यक्ति की पहली पाठशाला है।
परिवार से प्राप्त संस्कार और ज्ञान जीवनभर मनुष्य के साथ रहते हैं। बच्चों को माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करते हुए अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बच्चों का भविष्य संवारने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्राथमिक शाला से ही गुरुजन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार और जीवन के मूल्यों की सीख देते हैं। गुरुजनों द्वारा दिए गए ज्ञान एवं मार्गदर्शन को आत्मसात करने वाले विद्यार्थी जीवन में सफलता प्राप्त कर अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुजनों के आदर्शों का सम्मान करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए कठिन परिश्रम करना आवश्यक है।उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं को जाना तथा उन्हें शिक्षा के साथ अपने हुनर एवं प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुभव और सकारात्मक सोच आवश्यक है।
श्री कश्यप ने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन का उपयोग पढ़ाई एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए करने की समझाइश देते हुए मोबाइल के दुरुपयोग से बचने और अपना ध्यान शिक्षा पर केंद्रित करने की अपील की। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में लेखक शिव कुमार पाण्डेय द्वारा अबुझमाड़ की संस्कृति एवं परंपराओं को केंद्र में रखते हुए लिखित पुस्तक ‘बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां’ का विमोचन भी किया गया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षक सुमेर सिंह मंडावी, उषा किरण बैस, धनसिंह बघेल, अर्चना देवनाथ, मस्सूराम शोरी, शशिकला पटले, भागीरथी मरकाम, राधेश्याम ध्रुव, रेवती मेड़िया, गणेश प्रसाद देवांगन, रजुला हिड़को, लोचन सिंह पात्र, आनंद कुमार स्वर्णकर, फारूख अहमद खान एवं रीना मंडल को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इसी क्रम में विकासखंड स्तर पर शिक्षा दूत पुरस्कार से गायत्री पटेल, नवीन तिवारी, चेतमाणी नंदी, गोगा राम उसेण्डी, छत्तर सिंह भोयना एवं शिक्षा शर्मा को




