नैला दुर्गोत्सव में श्रद्धालुओं की राह होगी आसान, बिलासपुर से चांपा तक दौड़ेगी मेला स्पेशल ट्रेन, 20 अक्टूबर तक मिलेगी सुविधा

जांजगीर-चांपा, 17 अक्टूबर। नैला दुर्गोत्सव में माता रानी के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने विशेष सुविधा उपलब्ध कराई है। दुर्गोत्सव के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा बिलासपुर से चांपा के बीच मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह विशेष ट्रेन 16 से 20 अक्टूबर तक चलेगी। चेंबर ऑफ कॉमर्स और श्री श्री दुर्गा उत्सव समिति नैला की पहल पर रेलवे ने यह निर्णय लिया है। इससे बिलासपुर, जयरामनगर, अकलतरा, जांजगीर-नैला और चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
जांजगीर-नैला का दुर्गोत्सव प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। यहां हर साल आकर्षक पंडाल, भव्य प्रतिमाओं और मनमोहक झांकियों को देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस वर्ष भी दुर्गोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन स्थल पर अमेरिका के न्यूजर्सी स्थित प्रसिद्ध स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की प्रतिकृति के रूप में भव्य पंडाल तैयार किया गया है। यहां स्थापित 35 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके अलावा 3डी लेजर साउंड शो के माध्यम से शिव तांडव, समुद्र मंथन और हनुमान जी से जुड़ी आकर्षक प्रस्तुतियां दिखाई जा रही हैं।
दुर्गोत्सव के दौरान विशेष रूप से शाम और रात के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। बड़ी संख्या में लोगों के निजी वाहनों और अन्य साधनों से पहुंचने के कारण सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए चेंबर ऑफ कॉमर्स और दुर्गा उत्सव समिति ने रेलवे से विशेष ट्रेन चलाने की मांग की थी। रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मेला स्पेशल ट्रेन के संचालन की व्यवस्था की है।
निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पहले फेरे में विशेष ट्रेन बिलासपुर से शाम 5 बजकर 45 मिनट पर रवाना होकर शाम 6 बजकर 5 मिनट पर जयरामनगर, 6 बजकर 23 मिनट पर अकलतरा और 6 बजकर 45 मिनट पर जांजगीर-नैला पहुंचेगी। यहां पांच मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन शाम 6 बजकर 50 मिनट पर रवाना होकर 7 बजकर 10 मिनट पर चांपा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन चांपा से शाम 7 बजकर 30 मिनट पर रवाना होकर 7 बजकर 45 मिनट पर जांजगीर-नैला, 8 बजकर 8 मिनट पर अकलतरा और 8 बजकर 25 मिनट पर जयरामनगर पहुंचेगी। इसके बाद रात 8 बजकर 50 मिनट पर बिलासपुर पहुंचेगी।


दूसरे फेरे में ट्रेन बिलासपुर से रात 9 बजकर 5 मिनट पर रवाना होगी। यह रात 9 बजकर 25 मिनट पर जयरामनगर, 9 बजकर 42 मिनट पर अकलतरा और 9 बजकर 58 मिनट पर जांजगीर-नैला पहुंचेगी। इसके बाद रात 10 बजकर 15 मिनट पर चांपा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन चांपा से रात 10 बजकर 30 मिनट पर रवाना होकर 10 बजकर 45 मिनट पर जांजगीर-नैला, 11 बजकर 8 मिनट पर अकलतरा और 11 बजकर 25 मिनट पर जयरामनगर पहुंचेगी। यह ट्रेन रात 11 बजकर 50 मिनट पर बिलासपुर पहुंचेगी।
रेलवे की इस व्यवस्था से विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, जो परिवार के साथ शाम और रात के समय नैला दुर्गोत्सव देखने पहुंचते हैं। दर्शन और मेला भ्रमण के बाद यात्रियों को वापस लौटने के लिए भी ट्रेन की सुविधा मिलेगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने के साथ ही सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।
चेंबर ऑफ कॉमर्स और श्री श्री दुर्गा उत्सव समिति नैला की पहल पर शुरू की गई इस विशेष रेल सेवा को श्रद्धालुओं की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाली इस ट्रेन से न केवल जांजगीर-नैला बल्कि बिलासपुर, अकलतरा, जयरामनगर और चांपा क्षेत्र के यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। रेलवे ने यात्रियों से निर्धारित समय-सारणी के अनुसार यात्रा की योजना बनाने और रवाना होने से पहले ट्रेन के समय की पुष्टि करने की अपील की है।




