धमतरी पुलिस की नशे के खिलाफ पहल, पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हुई विशेष नशा मुक्ति कार्यशाला…

धमतरी, 04 सितंबर (वेदांत समाचार)। नशे के खिलाफ धमतरी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, कंपोजिट बिल्डिंग में विशेष नशा मुक्ति एवं नशे के दुष्परिणामों को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा।
कार्यशाला में डॉ. हीरा महावर ने नशे की लत, उसके मानसिक एवं शारीरिक प्रभाव तथा नशामुक्ति के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की शुरुआत कई बार शौक, जिज्ञासा या साथियों के दबाव में होती है, लेकिन धीरे-धीरे व्यक्ति इसकी गिरफ्त में आ जाता है। नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि उसके पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर भी गंभीर असर डालती है।
डॉ. महावर ने शराब, तंबाकू, गुटखा, गांजा सहित विभिन्न मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे के कारण शारीरिक कमजोरी, मानसिक तनाव, व्यवहार में बदलाव, पारिवारिक विवाद, आर्थिक नुकसान और गंभीर बीमारियों जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने नशे की लत से बचाव और उससे बाहर निकलने के व्यावहारिक उपाय भी बताए।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को तिरस्कार या उपेक्षा की नहीं, बल्कि समय पर उचित मार्गदर्शन, सहयोग और उपचार की आवश्यकता होती है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों से उन्होंने नशामुक्ति के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
एसपी भावना पांडेय ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार प्रयास करने की अपील की।
कार्यशाला के दौरान मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग को लेकर भी जागरूक किया गया। एसपी भावना पांडेय ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की अत्यधिक लत बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने अभिभावकों से छोटे बच्चों को अनावश्यक और अत्यधिक मोबाइल उपयोग से दूर रखने तथा उनके मोबाइल इस्तेमाल पर निगरानी रखने की अपील की। बच्चों को पढ़ाई, खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीसी पटेल, रक्षित निरीक्षक विपुल आनंद जागड़े, निरीक्षक रामजी तारमे, सहायक उप निरीक्षक रामावतार राजपूत, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
धमतरी पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम के साथ-साथ प्रभावी कार्रवाई भी लगातार की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और समाज में स्वस्थ एवं नशामुक्त वातावरण तैयार करना है।




