दो साल की कमान, यादगार विदाई! डॉ. राका शिवहरे ने चिकित्सा सम्मेलन में रचा ‘मुग़ल-ए-आज़म’ का इतिहास

0.मधुमेह पर वैज्ञानिक मंथन के साथ कला और संस्कृति का अनूठा संगम, डॉ. अभिजीत रॉयजादा बने RSSDI छत्तीसगढ़ के नए अध्यक्ष
रायपुर, 04 नवंबर 2026। चिकित्सा सम्मेलन में आमतौर पर गंभीर वैज्ञानिक चर्चाएं और शोध पत्रों की प्रस्तुतियां देखने को मिलती हैं, लेकिन CG-RSSDI 2026 में मधुमेह जैसे गंभीर विषय को ‘मुग़ल-ए-आज़म’ के अंदाज में मंच पर उतारकर एक नई मिसाल पेश की गई। इस अनूठी पहल के सूत्रधार रहे RSSDI छत्तीसगढ़ इकाई के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. राका शिवहरे, जिन्होंने पिछले दो वर्षों तक संगठन की जिम्मेदारी संभालने के बाद अपने कार्यकाल का समापन एक भव्य और यादगार सम्मेलन के साथ किया।
रिसर्च सोसायटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (RSSDI) की छत्तीसगढ़ इकाई का आठवां वार्षिक सम्मेलन 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित किया गया। ‘डायबिटीज एंड बियॉन्ड’ थीम पर आधारित इस सम्मेलन में देशभर से आए चिकित्सा विशेषज्ञों ने मधुमेह के आधुनिक उपचार, जटिलताओं और चिकित्सा अनुसंधान की नवीनतम उपलब्धियों पर अपने विचार साझा किए।

‘मधुमेह हुआ तो डरना क्या’ ने लूटी महफिल
सम्मेलन का सबसे खास आकर्षण 31 अक्टूबर की शाम आयोजित ‘मधुमेह की मुग़ल-ए-आज़म’ नाटक रहा। ‘मधुमेह हुआ तो डरना क्या’ शीर्षक से प्रस्तुत इस कार्यक्रम में डॉ. राका शिवहरे, डॉ. अजय सहाय, डॉ. स्मित श्रीवास्तव और उनकी टीम ने अपनी कलात्मक प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया।
भारतीय सिनेमा की कालजयी फिल्म ‘मुग़ल-ए-आज़म’ के लोकप्रिय संदर्भों को आधार बनाकर तैयार किए गए इस नाटक ने मधुमेह के प्रति जागरूकता का संदेश मनोरंजक अंदाज में प्रस्तुत किया। चिकित्सा विज्ञान के गंभीर विषय को कला और संस्कृति से जोड़ने का यह प्रयोग सम्मेलन की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल रहा।
दो वर्षों के नेतृत्व के बाद नए अध्यक्ष को सौंपी कमान
डॉ. राका शिवहरे पिछले दो वर्षों से RSSDI छत्तीसगढ़ इकाई के अध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके कार्यकाल के अंतिम सम्मेलन में वैज्ञानिक सत्रों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और युवा चिकित्सकों के लिए शोध प्रस्तुतियों को भी विशेष स्थान दिया गया।
सम्मेलन के दौरान इकाई के नए अध्यक्ष का चुनाव हुआ, जिसमें डॉ. अभिजीत रॉयजादा को अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने डॉ. राका शिवहरे से पदभार ग्रहण किया।
RSSDI छत्तीसगढ़ इकाई के पदाधिकारियों की टीम
सम्मेलन में संगठन की नई कार्यकारिणी और विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां संभाल रहे पदाधिकारियों की जानकारी भी साझा की गई। इसमें डॉ. राका शिवहरे (ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन), डॉ. दीपक जायसवाल (ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी), डॉ. मुकेश शर्मा (जॉइंट सेक्रेटरी), डॉ. लखन सिंह (स्टेट सेक्रेटरी), डॉ. अभिजीत रॉयजादा (स्टेट वाइस चेयरमैन), डॉ. पवन अग्रवाल (स्टेट ट्रेजरर) और डॉ. एम.डी. सबा सिद्दीकी (साइंटिफिक चेयर) शामिल हैं।
देशभर के दिग्गज विशेषज्ञों ने साझा किया चिकित्सा ज्ञान
दो दिवसीय सम्मेलन में 34 राष्ट्रीय वक्ताओं, 59 क्षेत्रीय वक्ताओं एवं पैनलिस्टों और 90 चेयरपर्सन ने भाग लिया। सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील गुप्ता (नागपुर), डॉ. राकेश पारीख (जयपुर), डॉ. संजय अग्रवाल (पुणे), डॉ. सी.एस. याज्ञिक (पुणे), डॉ. मयूर अग्रवाल (भोपाल), डॉ. आकाश सिंह (वडोदरा) और डॉ. अरविंद जगदीशा (बेंगलुरु) सहित देश के विभिन्न शहरों से आए प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए।
इसमें डायबेटोलॉजिस्ट, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट सहित विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए।
वैज्ञानिक सत्रों में मधुमेह के हृदय, गुर्दे, लिवर और तंत्रिका तंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों के साथ मोटापे, बदलती जीवनशैली, नई दवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लूकोज मॉनिटरिंग पर विस्तृत चर्चा हुई।
पीजी छात्रों के लिए शोध पत्र प्रस्तुति और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों के सम्मान का विशेष सत्र भी आयोजित किया गया।
सम्मेलन की सफलता में डॉ. राका शिवहरे, डॉ. दीपक जायसवाल, डॉ. मुकेश शर्मा सहित आयोजन समिति के सदस्यों और सहयोगी दवा कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




