Chhattisgarh

गोल्फ के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री साय ने कहा- नवा रायपुर बनेगा प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन

रायपुर, 15 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और प्राकृतिक संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी देश-दुनिया में अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नवा रायपुर में आयोजित हो रहा प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ प्रदेश की खेल यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में प्रतियोगिता की ट्रॉफी का अनावरण किया और स्वयं गोल्फ खेलकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में गोल्फ को बढ़ावा देने, आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए हरसंभव सहयोग देगी।

प्रतियोगिता में देश-विदेश के कुल 132 प्रोफेशनल गोल्फर हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर देश और विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ियों का नवा रायपुर पहुंचना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। आयोजन से प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल पर्यटन के नए केंद्र के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।

कार्यक्रम में 1983 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान और प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) के अध्यक्ष कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री साय ने उनका स्वागत किया और उनके साथ गोल्फ आयोजन को लेकर चर्चा भी की। मुख्यमंत्री ने गोल्फ कोर्स पर हाथ आजमाते हुए शानदार शॉट लगाया, जिसे देखकर वहां मौजूद खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह नजर आया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय था जब आम लोगों के लिए गोल्फ अपेक्षाकृत कम परिचित खेल था और इसे फिल्मों या टेलीविजन पर ही देखा जाता था। आज छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल गोल्फ की इतनी बड़ी प्रतियोगिता आयोजित होना प्रदेश में बदलते खेल वातावरण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अब गोल्फ का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और नए खिलाड़ी इस खेल से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े खेल आयोजन केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इससे प्रदेश की पहचान मजबूत होती है, खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय खिलाड़ियों को देश-विदेश के बेहतरीन खिलाड़ियों से सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में अलग-अलग खेलों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन लगातार होते रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल अधोसंरचना के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी की राह न रुके।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में नेशनल ट्राइबल गेम्स जैसे बड़े आयोजनों के साथ बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों और युवाओं को भी अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति और विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज वहां युवा खेलों के माध्यम से अपने सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी बदलते बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी और एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े आयोजनों से प्रदेश की खेल संस्कृति को नया आयाम मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने प्रतियोगिता में शामिल देश-विदेश के खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के साथ प्रदेश के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का न्योता भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ी छत्तीसगढ़ से लौटते समय अपने साथ यहां के लोगों के आत्मीय आतिथ्य के साथ प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की यादें भी लेकर जाएं।

उन्होंने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को चित्रकोट जलप्रपात सहित बस्तर के प्राकृतिक स्थलों और सरगुजा के पहाड़ों, जंगलों तथा विशिष्ट जनजातीय संस्कृति को करीब से देखने का आग्रह किया। इससे गोल्फ के साथ-साथ प्रदेश में खेल पर्यटन और सामान्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इस मौके पर कपिल देव ने छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोफेशनल टूर्नामेंट खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ नई प्रतिभाओं को प्रेरित करते हैं। उन्होंने इच्छा जताई कि नवा रायपुर ओपन का आयोजन हर वर्ष छत्तीसगढ़ में किया जाए और आने वाले वर्षों की तारीखें पहले से निर्धारित हों, ताकि देश-विदेश के खिलाड़ी अपने टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुसार यहां आने की योजना बना सकें।

कपिल देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण गोल्फ के लिए अनुकूल है और यहां खिलाड़ियों को मिलने वाला आत्मीय आतिथ्य भी विशेष है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता आज गोल्फ के प्रमुख केंद्रों के रूप में पहचाने जाते हैं, उसी तरह आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी देश के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप चहल ने कहा कि प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम जब भी छत्तीसगढ़ आती है, उसे यहां शानदार स्वागत और बेहतर व्यवस्थाएं मिलती हैं। खिलाड़ियों को यहां का वातावरण और गोल्फ कोर्स पसंद आता है और कई खिलाड़ी दोबारा छत्तीसगढ़ आकर खेलने की इच्छा व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब पर्यटन और अन्य खेलों के साथ-साथ एक उभरते हुए गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचान बना रहा है।

डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026 के आयोजन से नवा रायपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी, 18 विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी और कपिल देव जैसी खेल हस्ती की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया है। आने वाले समय में ऐसे आयोजनों के जरिए नवा रायपुर और छत्तीसगढ़ के खेल पर्यटन को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।

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