कोरबा रेलवे स्टेशन में पुलिस का मॉक ड्रिल अभियान, आपदा प्रबंधन से साइबर सुरक्षा तक यात्रियों को किया जागरूक

कोरबा, 3 सितम्बर। कोरबा रेलवे स्टेशन में गुरुवार को कोरबा पुलिस द्वारा आपदा प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए व्यापक संयुक्त मॉक ड्रिल एवं जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान में SDRF, RPF, GRP, मेडिकल टीम, होमगार्ड और कोरबा पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान हादसे की स्थिति में त्वरित रेस्क्यू, यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान रेलवे स्टेशन अथवा ट्रेन में दुर्घटना या आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर राहत एवं बचाव कार्य किस तरह संचालित किया जाएगा, इसका व्यावहारिक अभ्यास किया गया। आपात स्थिति में रेस्क्यू के लिए निर्धारित रूट, राहत एजेंसियों की जिम्मेदारियों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात का अभ्यास किया कि किसी आकस्मिक घटना के दौरान सभी टीमें आपसी समन्वय के साथ कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य कैसे शुरू कर सकती हैं।
अभियान के दौरान आगजनी से बचाव और फायर सेफ्टी को लेकर भी यात्रियों एवं आम नागरिकों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। रेलवे ट्रेन की पैंट्री अथवा स्टेशन परिसर में आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले प्राथमिक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। फायर सेफ्टी और होमगार्ड कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग तथा आग पर नियंत्रण के प्राथमिक उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। यात्रियों से अपील की गई कि आगजनी की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और सुरक्षित तरीके से बचाव कार्य करें।

कोरबा पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए। विशेष रूप से स्टेशन और ट्रेनों में उपलब्ध RailWire तथा RailNet फ्री Wi-Fi का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई। यात्रियों को समझाया गया कि सार्वजनिक Wi-Fi के माध्यम से बैंकिंग, UPI, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
पुलिस ने यात्रियों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान वेबसाइट और ऐप पर व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी दर्ज नहीं करने तथा ऑनलाइन लेनदेन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की। साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
इस संयुक्त मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी आकस्मिक घटना या आपदा के दौरान पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना, प्रभावी रेस्क्यू सुनिश्चित करना और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय विकसित करना रहा।
कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी, रक्षित निरीक्षक अनथ राम पैंकरा, RPF इंस्पेक्टर सतीश कुमार, साइबर थाना निरीक्षक ललित चंद्रा सहित SDRF, GRP, RPF, मेडिकल टीम, होमगार्ड और कोरबा पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




