जिंदल का कोयला 290 रुपए का, हिंडाल्को दे रहा 4908 रुपए…

रायगढ़, 11 सितम्बर : जमीन से निकले कोयले की कीमत कोल कंट्रोलर तय करता है। ग्रेड के हिसाब से कोयले की कीमत तय होती है जो पूरे देश के लिए एक समान होती है, लेकिन प्राइवेट कंपनियों के खदानों से निकल रहे कोयले की कीमत अलग-अलग है। रायगढ़ जिले में जिंदल पावर लिमिटेड का कोयला 290 रुपए प्रति टन का है, जबकि हिंडाल्को का कोयला 4908 रुपए का है। यह भारी अंतर बता रहा है कि पॉलिसी में कहीं कोई गड़बड़ी है। सरकार का काम उद्योगों को काम करने के लिए पारदर्शी और पक्षपातरहित माहौल उपलब्ध कराना है।
एक ही सेक्टर के उद्योगों को एक समान मानते हुए नीतियां बनाई जानी चाहिए। सरकार को राजस्व चाहिए लेकिन एक ही वस्तु के लिए दो लोग अलग-अलग कीमत देंगे तो कैसा होगा। सोचिए कि रायगढ़ की जमीन के नीचे से निकल रहा कोयला एक-दो ग्रेड ऊपर-नीचे होने पर कीमतों में कुछ अंतर आना स्वाभाविक है। यदि यह अंतर दस गुना से भी अधिक हो तो फिर सवाल उठने जायज हैं। रायगढ़ जिले में एसईसीएल की बरौद, जामपाली, छाल और बिजारी माइंस से कोयला उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा नौ खदानों का आवंटन अलग-अलग कंपनियों को केप्टिव व कमर्शियल उपयोग के लिए किया गया है।
उत्पादित कोयले की एक निश्चित प्रीमियम वैल्यु, रिजर्व प्राइस या रेवेन्यू शेयर का प्रश निर्धारित किया गया है। कोयले का ग्रेड जी-8 से लेकर जी-15 तक है, जिनमें ग्रेडवार कीमत में कम अंतर है। रायगढ़ जिले में एसईसीएल की बरौद, जामपाली, छाल और बिजारी माइंस से कोयला उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा नौ खदानों का आवंटन अलग-अलग कंपनियों को केप्टिव व कमर्शियल उपयोग के लिए किया गया है। उत्पादित कोयले की एक निश्चित प्रीमियम वैल्यु, रिजर्व प्राइस या रेवेन्यू शेयर का प्रश निर्धारित किया गया है। कोयले का ग्रेड जी-8 से लेकर जी-15 तक है, जिनमें ग्रेडवार कीमत में कम अंतर है।




