SECL की खदानों में अब भारी मशीनें चलाएंगी महिलाएं, 12 दिन के प्रशिक्षण के बाद मिलेगी ऑपरेटिंग की जिम्मेदारी

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पहली बार महिला कर्मचारियों को कोयला खदानों में हेवी अर्थ मूविंग मशीन (एचईएमएम) ऑपरेटर बनाने की पहल शुरू की है। 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चयनित महिला कर्मचारियों को डंपर, शॉवेल सहित अन्य भारी मशीनों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरिश दुहन की पहल पर शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों से केटेगरी-1 श्रेणी की 10वीं अथवा उससे अधिक शिक्षित 19 महिला कर्मचारियों का चयन किया गया है। प्रशिक्षण का शुभारंभ 6 जुलाई को गेवरा क्षेत्र स्थित प्रशिक्षण केंद्र में किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों का साफा पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
6 से 18 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण में आधुनिक सिम्युलेटर की सहायता से डंपर, शॉवेल और अन्य हेवी अर्थ मूविंग मशीनों के संचालन का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद एसईसीएल मुख्यालय स्तर पर चयनित महिला कर्मचारियों को खदानों में मशीन संचालन की जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह पहली बार है जब एसईसीएल बड़े पैमाने पर महिला कर्मचारियों को खदानों की तकनीकी एवं ऑपरेटिंग गतिविधियों के लिए तैयार कर रहा है।
प्रशिक्षण के लिए सेंट्रल एक्सवेशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीईटीआई) गेवरा, जेमको, टाटा सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं, जो प्रतिभागियों को मशीन संचालन की आधुनिक तकनीकों और सुरक्षा मानकों से अवगत करा रहे हैं।
महिला प्रतिभागियों के चयन और उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करने में महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुजाता रानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अपनी टीम के साथ प्रशिक्षण स्थल पहुंचकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन एवं समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार मिश्रा, बिलासपुर मुख्यालय से महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुजाता रानी, महाप्रबंधक (वेलफेयर) विप्र चरण सेठी, गेवरा क्षेत्र की स्टाफ ऑफिसर सुधा बी. शिंदे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में गेवरा परियोजना से तीन, दीपका से तीन, कुसमुंडा से दो, कोरबा क्षेत्र से एक, बिश्रामपुर क्षेत्र से दो, रायगढ़ क्षेत्र से तीन तथा केंद्रीय उत्खनन कर्मशाला गेवरा से पांच महिला कर्मचारियों सहित कुल 19 प्रतिभागी शामिल हैं।
“एसईसीएल की यह पहल केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला कर्मचारियों को तकनीकी क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 12 दिनों के प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशीन संचालन की सभी बारीकियां सिखाई जाएंगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मुख्यालय स्तर पर उन्हें ऑपरेटिंग की जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया शुरू होगी। हमें विश्वास है कि महिलाएं अपनी क्षमता, अनुशासन और दक्षता से इस चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगी।”
– सुधा बी. शिंदे, एरिया पर्सनल मैनेजर, गेवरा क्षेत्र




