SECL दीपका के CHP में ठेका मजदूरों के शोषण का आरोप, 400 श्रमिकों ने वेतन कटौती और अनियमितताओं की शिकायत की

दीपका/कोरबा। SECL दीपका क्षेत्र स्थित कोल हैंडलिंग प्लांट (CHP) में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी हेम्स कॉरपोरेशन पर बड़ी संख्या में ठेका मजदूरों के आर्थिक शोषण और श्रम कानूनों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। करीब 400 श्रमिकों ने महाप्रबंधक (GM) सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मजदूर महीने भर नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद उन्हें पूर्ण उपस्थिति का भुगतान नहीं किया जा रहा है। श्रमिकों का कहना है कि वे 26 से 30 दिनों तक काम करते हैं, लेकिन उपस्थिति रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर कर उन्हें 10 से 12 दिनों का ही वेतन दिया जाता है। मजदूरों ने इसे उनके मेहनताना पर सीधा प्रहार बताते हुए गंभीर आर्थिक अन्याय करार दिया है।
श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें वेतन पर्ची (पे-स्लिप) उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे वास्तविक भुगतान और उपस्थिति का मिलान करना संभव नहीं हो पाता। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पारदर्शिता के अभाव में मजदूर अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं और कथित अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं तो संबंधित विभागों और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं। श्रमिकों का दावा है कि लंबे समय से यह स्थिति बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस हस्तक्षेप नहीं हुआ है।
पर्यावरण एवं SECL मामलों के जानकार शेत मसीह ने आरोपों को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताई है। उनका कहना है कि यदि मजदूरों की शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं तो यह मामला केवल श्रम शोषण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वित्तीय अनियमितताओं के बड़े नेटवर्क की भी जांच आवश्यक होगी।
इधर, श्रमिक संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मजदूरों के अधिकारों का संरक्षण करना प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल शिकायत के बाद मामला जिला प्रशासन, श्रम विभाग और SECL प्रबंधन के संज्ञान में है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसियां शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करती हैं या नहीं। वहीं, हेम्स कॉरपोरेशन और संबंधित अधिकारियों की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।




