पत्नी की हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास, ₹1,000 का अर्थदंड

कोरबा, 26 जुलाई। प्रथम अपर सत्र न्यायालय कटघोरा ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास तथा ₹1,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह फैसला 24 जुलाई 2026 को सुनाया।
अतिरिक्त लोक अभियोजक संजय जायसवाल ने बताया कि मामला थाना पाली के अपराध क्रमांक 106/2022 से संबंधित है। प्रकरण में ग्राम हिरवाडोली निवासी घनीराम पण्डो (40) पर अपनी पत्नी समारिन बाई की हत्या का आरोप था।
अभियोजन के अनुसार 22 अप्रैल 2022 को आरोपी और उसकी पत्नी के बीच विवाद हुआ था। आरोपी ने पत्नी के साथ डंडे से मारपीट की। अगले दिन मृतका की पुत्री बिन्दा बाई को रिश्तेदारों ने सूचना दी कि उसकी मां की तबीयत खराब है। जब वह अपनी बहन के साथ गांव पहुंची तो उसकी मां की मौत हो चुकी थी। पूछताछ में आरोपी ने मारपीट की बात स्वीकार करते हुए कहा कि विवाद के दौरान उसने पत्नी को डंडे से मारा था।
मृतका के शरीर पर चोट के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गंभीर चोटें बताया गया। मृतका की पुत्री ने स्वयं पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई और न्यायालय में भी अपने पिता द्वारा मारपीट किए जाने की पुष्टि की। अन्य गवाहों के बयान तथा विवेचना अधिकारी एन.पी. लहरे द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और चिकित्सकीय रिपोर्ट ने भी अभियोजन के पक्ष को मजबूत किया।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा ने आरोपी घनीराम पण्डो को भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक संजय जायसवाल ने प्रभावी पैरवी की।




