Korba News: वृद्धजन दिवस पर प्रशांति वृद्धाश्रम के 28 बुजुर्गों को नहीं मिला निमंत्रण, कलेक्टर से शिकायत

कोरबा,06 अक्टूबर 2026। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2026 पर कोरबा में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रशांति वृद्धाश्रम के 28 वरिष्ठ नागरिकों को आमंत्रित नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर नवदृष्टि समाजसेवी संस्था ने कोरबा कलेक्टर से शिकायत कर समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की है।
1 अक्टूबर को राजीव गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित वृद्धजन दिवस समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया गया था। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों का सम्मान करने के साथ जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। शिकायतकर्ता संस्था का कहना है कि प्रशांति वृद्धाश्रम में रहने वाले 28 महिला और पुरुष बुजुर्गों को इस जिला स्तरीय आयोजन में शामिल होने का अवसर नहीं मिला।
प्रशांति वृद्धाश्रम पिछले करीब 23 वर्षों से जरूरतमंद और बेसहारा बुजुर्गों की देखभाल कर रहा है। वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को आवास, भोजन, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम संस्था द्वारा किया जाता है। संस्था का कहना है कि ऐसे में वृद्धजन दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर यहां रहने वाले बुजुर्गों को कार्यक्रम से दूर रखा जाना निराशाजनक है।
नवदृष्टि समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद सादिक शेख ने कलेक्टर को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि पिछले करीब तीन वर्षों से प्रशांति वृद्धाश्रम को समाज कल्याण विभाग की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। शिकायत में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में भी कथित भेदभाव का आरोप लगाया गया है।
संस्था ने अपनी शिकायत में कहा है कि पूर्व के वर्षों में जिला स्तरीय वृद्धजन दिवस समारोह में प्रशांति वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को बुलाया जाता था और उनका सम्मान किया जाता था। इस बार 28 बुजुर्गों को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने से संस्था ने पूरे मामले की जांच की मांग उठाई है।
शिकायत में समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना और परिवीक्षा अधिकारी मुकेश दिवाकर की भूमिका की जांच की मांग भी की गई है। संस्था ने अधिकारियों पर वृद्धाश्रम की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा प्रशांति वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए।




