Chhattisgarh

KORBA BREAKING:पसान में महुआ शराब पीने से 3 साल के बच्चे की मौत, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में पांच दिन चला इलाज

कोरबा,06 अक्टूबर 2026। जिले के पसान थाना क्षेत्र में घर में रखी महुआ शराब पीने से तीन वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। खेलते समय बच्चे ने प्लास्टिक की बोतल में रखी महुआ शराब पी ली थी। इसके कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं। गंभीर हालत में परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद लगातार अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया। करीब पांच दिन तक चले उपचार के बाद सोमवार को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, पसान थाना क्षेत्र के दुलापुर काशिमुड़ा निवासी शिवलाल का तीन वर्षीय बेटा मनीष 29 सितंबर की शाम करीब चार बजे घर में खेल रहा था। उस समय शिवलाल किसी काम से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान खेलते-खेलते मनीष ने घर में प्लास्टिक की बोतल में रखी महुआ शराब पी ली। कुछ देर बाद बच्चे को उल्टियां होने लगीं। बच्चे की तबीयत बिगड़ती देखकर उसकी मां फूलकुंवर ने घर में जांच की तो महुआ शराब की बोतल खुली मिली। इसके बाद उन्होंने पति को घटना की जानकारी दी।

बताया गया कि शाम करीब सात बजे शिवलाल घर पहुंचा, उस समय बच्चे की हालत अपेक्षाकृत सामान्य बताई गई। हालांकि अगले दिन 30 सितंबर को मनीष की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए एमसीबी जिले के खड़गवां अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे चिरमिरी अस्पताल रेफर कर दिया। चिरमिरी में उपचार के बाद भी उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे का उपचार जारी रहा, लेकिन करीब पांच दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सोमवार को मनीष ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

चिकित्सकों के अनुसार, छोटे बच्चों के लिए शराब की थोड़ी मात्रा भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। शिशु मंगलम चाइल्ड केयर हॉस्पिटल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. बी. कमलेश ने बताया कि बच्चों के शरीर का वजन कम होने के कारण शराब का प्रभाव अधिक तेजी से और गंभीर रूप से पड़ सकता है। अधिक मात्रा में शराब का सेवन बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि महुआ शराब तैयार करने की प्रक्रिया में यदि सावधानी नहीं बरती जाए तो उसमें हानिकारक या जहरीले तत्व मौजूद होने की आशंका रहती है। ऐसे पदार्थ बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

घटना ने घरों में शराब अथवा अन्य जहरीले पदार्थ बच्चों की पहुंच से दूर रखने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घर में रखी ऐसी किसी भी सामग्री को बच्चों की पहुंच से पूरी तरह दूर और सुरक्षित स्थान पर रखना बेहद जरूरी है।

Related Articles

Back to top button