Chhattisgarh

DSPM प्लांट को रोजाना 9,100 टन कोयला आपूर्ति की योजना, एसईसीएल ने जताई प्रतिबद्धता

बिलासपुर, 25 अक्टूबर। डीएसपीएम (डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी) पावर प्लांट में कोयले के स्टॉक को लेकर सामने आई खबरों के बीच साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने संयंत्र को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी के अनुसार, संयंत्र को निर्धारित आवंटन के अनुरूप कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है। इसके तहत प्रतिदिन लगभग 9,100 टन कोयला भेजने की योजना बनाई गई है, जबकि संयंत्र की दैनिक खपत करीब 4,300 टन है।

सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) की 22 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, डीएसपीएम पावर प्लांट में 19,400 टन कोयले का स्टॉक उपलब्ध था। यह मात्रा संयंत्र की लगभग चार दिनों की खपत के बराबर है। मौजूदा स्टॉक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोयले की नियमित आपूर्ति और भंडार में वृद्धि के लिए कदम उठाए गए हैं।

पावर प्लांटों को रेलवे के माध्यम से कोयला आपूर्ति के लिए रेक का आवंटन विद्युत मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, रेलवे बोर्ड और सीईए के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त सबग्रुप समिति के निर्देशों के अनुसार किया जाता है। संयंत्र में उपलब्ध कोयले के भंडार की समीक्षा के बाद समिति ने 21 अक्टूबर को हुई बैठक में डीएसपीएम प्लांट के लिए प्रतिदिन दो रेलवे रेक आवंटित करने का निर्णय लिया।

इस व्यवस्था के तहत एसईसीएल प्रतिदिन दो रेलवे रेक के माध्यम से लगभग 7,600 टन कोयले की आपूर्ति करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अतिरिक्त, संयंत्र की अपनी वैगन व्यवस्था के माध्यम से लगभग 1,500 टन कोयला भेजने की भी योजना है। इस प्रकार कुल दैनिक आपूर्ति लगभग 9,100 टन तक पहुंचने का अनुमान है।

सीईए की रिपोर्ट में दर्ज 4,300 टन प्रतिदिन की खपत के आधार पर, यदि प्रस्तावित मात्रा में कोयले की आपूर्ति होती है और खपत इसी स्तर पर बनी रहती है, तो संयंत्र के स्टॉक में प्रतिदिन लगभग 4,800 टन की शुद्ध वृद्धि हो सकती है। इससे उपलब्ध कोयले के भंडार में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

एसईसीएल ने संयंत्र प्रबंधन से अपनी वैगन व्यवस्था के माध्यम से भी अधिकतम संभव मात्रा में कोयले का उठाव करने का अनुरोध किया है। कंपनी का कहना है कि नियमित आपूर्ति और उपलब्ध परिवहन व्यवस्था के बेहतर उपयोग से डीएसपीएम पावर प्लांट की कोयला जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

Related Articles

Back to top button