Chhattisgarh

CG NEWS: सिकोसा में बाढ़ से बिगड़े हालात, मनहोरा गांव बना टापू; बालोद-दुर्ग मार्ग बंद, घरों तक पहुंचा पानी

बालोद। ग्राम पंचायत सिकोसा के आश्रित ग्राम मनहोरा में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। बाढ़ के पानी से पूरा गांव चारों ओर से घिर गया है, जिससे मनहोरा टापू की तरह नजर आ रहा है। गांव के कई हिस्सों में पानी लोगों के घरों तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है और कुछ लोगों के घरों की छतों पर शरण लेने की बात भी सामने आ रही है।

बाढ़ के कारण सिकोसा नाला भी उफान पर है। नाले का पानी सड़क पर आ जाने से दुर्ग-दल्ली राजहरा मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़क पर पानी भरने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। मार्ग बंद होने से राहगीरों, यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बालोद-दुर्ग क्षेत्र में बाढ़ के चलते स्थानीय आवागमन पर भी इसका असर पड़ा है।

मनहोरा गांव के चारों ओर पानी भरने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पानी का स्तर बढ़ने के साथ लोगों को अपने घरों और परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्र का तत्काल जायजा लेकर जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री और आवश्यक सहायता पहुंचाए। जिन परिवारों के घरों में पानी घुस गया है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की भी मांग की जा रही है।

बाढ़ की स्थिति से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। इनमें जलमग्न सड़क, तेज बहाव और पानी से घिरे इलाकों की स्थिति दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों के रेस्क्यू और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का स्तर और बढ़ता है तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की आवश्यकता होगी।

वहीं, बाढ़ का पानी देखने के लिए कुछ लोगों के पानी के बीच पहुंचने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। तेज बहाव वाले पानी में इस तरह जाना जानलेवा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों को बाढ़ प्रभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की जरूरत है।

फिलहाल मनहोरा समेत आसपास के इलाकों में ग्रामीण राहत और सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद लगाए हुए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों की वास्तविक स्थिति, प्रभावित परिवारों की संख्या और प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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