Chhattisgarh

सुकमा के ऐर्राबोर पोटाकेबिन में पहली कक्षा की छात्रा की मौत, परिजनों ने अधीक्षिका पर लगाया लापरवाही का आरोप

सुकमा, 30 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में ऐर्राबोर पोटाकेबिन में पहली कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। छात्रा की तबीयत कई दिनों से खराब थी। परिजनों को इसकी जानकारी मिलने के बाद वे 27 सितंबर को उसे छात्रावास से घर लाने पहुंचे, लेकिन उस समय उसकी हालत गंभीर बताई गई। बाढ़ के कारण रास्ता बाधित होने से परिजनों को बच्ची को घर पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। घर पहुंचने के बाद छात्रा ने दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, कोंटा विकासखंड क्षेत्र के मेटटागुड़ा निवासी मड़कम देवे ऐर्राबोर स्थित पोटाकेबिन में पहली कक्षा में अध्ययनरत थी। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। छात्रा की हालत बिगड़ने की सूचना मिलने पर परिजन 27 सितंबर को उसे वापस घर ले जाने के लिए पोटाकेबिन पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, उस समय बच्ची की हालत काफी गंभीर थी।

बच्ची को घर ले जाने के दौरान क्षेत्र में बाढ़ के कारण रास्ता बाधित था, जिसके चलते उसे समय पर घर पहुंचाने में दिक्कत हुई। लगातार बिगड़ती तबीयत के बीच परिजन छात्रा को घर लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई।

छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने पोटाकेबिन प्रबंधन और अधीक्षिका पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि छात्रा की तबीयत खराब होने के बावजूद उसकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया और समय पर उचित उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया। मामले को लेकर परिजनों में नाराजगी है और उन्होंने छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच के बाद ही छात्रा की तबीयत बिगड़ने, उसे उपलब्ध कराए गए उपचार और छात्रावास प्रबंधन की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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