Chhattisgarh

कटघोरा वनमंडल में 50 से अधिक हाथियों का डेरा, दंतैल ने तोड़ा ग्रामीण का मकान

कोरबा, 25 सितम्बर। कटघोरा वनमंडल में हाथियों की बढ़ती सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वनमंडल के विभिन्न रेंज में इन दिनों 50 से अधिक हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। हाथियों के झुंड लगातार जंगल और गांवों के आसपास विचरण कर रहे हैं तथा धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पसान रेंज में करीब 30 हाथियों का झुंड घूम रहा है, जो रोजाना खेतों में पहुंचकर धान की फसल को चौपट कर रहा है।

इसी बीच झुंड से अलग हुआ एक दंतैल हाथी ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। दंतैल ने पसान रेंज के मोहनपुर और पोड़ीकला के बीच जंगल में थुहानाला के पास स्थित परदेशी के कच्चे मकान को रात के समय तोड़ दिया। हाथी के पहुंचने की आहट मिलते ही परदेशी अपने परिवार के साथ एक कमरे में दुबककर बैठ गया। दंतैल ने कच्चे मकान को कई स्थानों से क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद परिवार में भय का माहौल है।

ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का झुंड आमतौर पर गांव के भीतर नहीं आता, लेकिन झुंड से अलग होने के बाद दंतैल हाथी गांव और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच रहा है। इससे ग्रामीणों को विशेष रूप से रात के समय खतरा बना हुआ है। हाथी अब दिन के समय भी खेतों में पहुंचकर धान की फसल खा रहे हैं और उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं।

केंदई क्षेत्र से आगे बढ़कर हाथियों का झुंड पसान रेंज के बनिया क्षेत्र तक पहुंच गया है। वहीं जटगा रेंज में भी हाथियों का एक झुंड विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा प्रभावित और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लोगों से हाथियों के करीब नहीं जाने और जंगल अथवा खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की अपील की जा रही है।

इधर, कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में भी नौ हाथियों का झुंड बेहरचुआं पहुंच गया है। इससे पहले हाथियों की मौजूदगी लबेद क्षेत्र के आसपास दर्ज की गई थी। दूसरी ओर कुदमुरा रेंज में विचरण कर रहा दंतैल हाथी वापस धरमजयगढ़ वनमंडल की सीमा में लौट गया है। वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए ग्रामीणों को लगातार सतर्क कर रहा है।

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