मानिकपुर कोयला खदान विस्तार को लेकर जनसुनवाई संपन्न, समर्थन और विरोध में लोगों ने रखी अपनी बात

कोरबा, 25 सितम्बर 2026। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कोरबा क्षेत्र अंतर्गत मानिकपुर कोयला परियोजना के विस्तार को लेकर शुक्रवार को पर्यावरण जनसुनवाई आयोजित की गई। मानिकपुर कॉलोनी स्थित कल्याण मंडप में प्रशासन की ओर से आयोजित जनसुनवाई में परियोजना विस्तार के समर्थन और विरोध में प्रभावित क्षेत्र के लोगों सहित अन्य संबंधित पक्षों ने अपनी बात रखी। जनसुनवाई के दौरान प्रशासन, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल तथा SECL प्रबंधन के अधिकारी मौजूद रहे।
मानिकपुर परियोजना की वर्तमान उत्पादन क्षमता 5.25 लाख टन प्रतिवर्ष है। SECL की ओर से इसे बढ़ाकर 7 लाख टन प्रतिवर्ष किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। परियोजना विस्तार के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया के तहत जनसुनवाई आयोजित की गई। प्रारंभ में परियोजना प्रबंधन की ओर से विस्तार योजना, प्रस्तावित कार्यक्षेत्र तथा पर्यावरण और आसपास के क्षेत्र पर संभावित प्रभावों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय सामाजिक एवं आर्थिक हितों तथा प्रभावित क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।

प्रबंधन की ओर से बताया गया कि मानिकपुर परियोजना से वर्तमान में 5.25 लाख टन कोयले का वार्षिक उत्पादन किया जा रहा है। क्षेत्र में कोयला भंडार की उपलब्धता तथा परियोजना को आगे संचालित रखने की संभावनाओं को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। विस्तार से कोयला उत्पादन में वृद्धि के साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं अन्य अवसरों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई गई।

जनसुनवाई में परियोजना से प्रभावित लोगों के अलावा आसपास के क्षेत्र के नागरिक और अन्य संबंधित लोग भी शामिल हुए। लोगों ने पर्यावरण, रोजगार, मुआवजा तथा स्थानीय हितों से जुड़े मुद्दे प्रशासन और प्रबंधन के समक्ष रखे। कुछ लोगों ने परियोजना विस्तार का समर्थन किया, जबकि कुछ ने पहले प्रभावित परिवारों से जुड़े मुआवजा और रोजगार के मामलों का समाधान किए जाने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि मानिकपुर कोयला खदान विस्तार को लेकर अगस्त में भी पर्यावरण जनसुनवाई की तिथि निर्धारित की गई थी। उस दौरान प्रभावित लोगों की ओर से मुआवजा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को पहले सुलझाने की मांग उठाई गई थी। इन मुद्दों को देखते हुए पूर्व निर्धारित जनसुनवाई को आगे बढ़ा दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को दोबारा जनसुनवाई आयोजित की गई।

जनसुनवाई के दौरान कुछ युवा कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और परियोजना विस्तार से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। उन्होंने प्रभावित लोगों की मांगों का समर्थन करते हुए मुआवजा और रोजगार से जुड़े मामलों के निराकरण की मांग रखी। प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया के दौरान लोगों की आपत्तियों, सुझावों और विचारों को दर्ज किया। जनसुनवाई की कार्यवाही के आधार पर आगे की पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया में निर्णय लिया जाएगा।




