Korba Crime: दर्री में मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर चोरी, 3 मोबाइल और 7 हजार रुपये ले गया था चोर; विधि से संघर्षरत बालक निरुद्ध

कोरबा, 03 सितम्बर 2026 । जिले के दर्री थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर चोरी करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए तीन पुराने इस्तेमाल किए हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 20 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने विधि के अनुसार कार्रवाई करते हुए बालक को न्यायिक रिमांड पर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।
मामला दर्री थाना क्षेत्र के जमनीपाली स्थित साडा कॉलोनी का है। यहां प्लॉट नंबर 83 निवासी प्रतीक अग्रवाल अपने घर पर ही प्रगति टेलीकॉम नाम से मोबाइल दुकान संचालित करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 29 अगस्त 2026 की रात करीब 9:30 बजे रोजाना की तरह दुकान बंद कर वे घर चले गए थे। अगले दिन 30 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे जब वे दुकान खोलने पहुंचे तो शटर टूटा हुआ मिला। दुकान के अंदर जाकर जांच करने पर तीन मोबाइल फोन और करीब 7 हजार रुपये नकद गायब मिले। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना दर्री थाना पुलिस को दी। शिकायत पर पुलिस ने धारा 331(4) और 305 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चोरी की घटना से जुड़े सुराग जुटाए और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक को थाना तलब किया। पूछताछ के दौरान भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रावधानों के तहत मेमोरण्डम कथन लिया गया। पुलिस के अनुसार, बालक ने अपने कथन में दुकान में चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने बालक द्वारा पेश किए गए चोरी के तीन पुराने इस्तेमाल किए हुए मोबाइल फोन को गवाहों के समक्ष जब्त कर लिया। बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 20 हजार रुपये बताई गई है। हालांकि चोरी गई करीब 7 हजार रुपये की नकदी के संबंध में पुलिस की कार्रवाई का विवरण प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दिया गया है।
पुलिस ने विधि से संघर्षरत बालक के संबंध में बीएनएसएस की धारा 35(1)(B)(ii) के तहत आवश्यक चेकलिस्ट तैयार की। साथ ही उसकी निरुद्धता की सूचना और संबंधित जानकारी बीएनएसएस की धारा 47 के तहत दी गई। बालक की निरुद्धता की जानकारी उसके परिजन, उसकी मां को भी दी गई। मामला गैर-जमानतीय होने के कारण पुलिस ने नियमानुसार न्यायिक रिमांड की कार्रवाई पूरी की और विधि से संघर्षरत बालक को न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय की प्रक्रिया के बाद उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।
दर्री थाना पुलिस की इस कार्रवाई से चोरी के मामले का त्वरित खुलासा हुआ और चोरी किए गए तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस द्वारा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।




