Vedanta News: कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए वेदांता करेगी 200 मिलियन डॉलर का करेगी निवेश

Vedanta News: वेदांता ऑयल एंड गैस (Vedanta Oil And Gas) वित्त वर्ष 2027 में राजस्थान में 200 मिलियन डॉलर का निवेश करेगी. यह निवेश तेल की रिकवरी बढ़ाने, उत्पादन को बेहतर बनाने और संसाधनों को भंडार में बदलने की योजनाओं पर होगा.
Vedanta News: भारत में घरेलू कच्चे तेल (Crude Oil) का उत्पादन बढ़ाने की प्राथमिकता के बीच राजस्थान का मंगला तेल क्षेत्र अहम भूमिका निभा रहा है. इस क्षेत्र में केयर्न द्वारा भारत की सबसे बड़ी जमीन पर तेल खोज किए जाने के बाद लगातार उत्पादन हो रहा है. अब वेदांता ऑयल एंड गैस (Vedanta Oil And Gas) ने राजस्थान में उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा निवेश प्लान बनाया है. कंपनी वित्त वर्ष 2027 में 200 मिलियन डॉलर निवेश करेगी.
वित्त वर्ष 2027 में 200 मिलियन डॉलर का निवेश (Vedanta Investment)
वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड राजस्थान नॉर्थ में वित्त वर्ष 2027 के दौरान 200 मिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है. कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस निवेश का इस्तेमाल तेल की रिकवरी बढ़ाने, उत्पादन को बेहतर करने और संसाधनों को भंडार में बदलने की योजनाओं में किया जाएगा.
तेल की रिकवरी 30% से बढ़ाकर 60% करने का लक्ष्य
वेदांता ऑयल एंड गैस के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिम जॉनी गैस्ट ने कहा कि कंपनी मंगला क्षेत्र में विकास के अगले चरण को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है. कंपनी उन्नत तकनीक, लक्षित कुआं सुधार, नए कुएं की शाखाएं और कुओं में हस्तक्षेप जैसी तकनीकों के जरिए तेल की रिकवरी 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखती है.कंपनी जलाशय से अतिरिक्त मूल्य हासिल करने के लिए अनुभवी साझेदारों के साथ गैर-पारंपरिक अवसरों का भी मूल्यांकन कर रही है.
मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या क्षेत्रों में 570 MMboe की क्षमता
2004 में खोजे गए मंगला तेल क्षेत्र के साथ राजस्थान के तेल क्षेत्रों का विस्तार हुआ है. मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या यानी एमबीए क्षेत्रों में अनुमानित 570 मिलियन बैरल तेल समकक्ष के संभावित भंडार हैं. राजस्थान के इन क्षेत्रों में 100 से 200 मिलियन बैरल तेल समकक्ष की तंग तेल क्षमता का अनुमान है. इसके अलावा संसाधनों को भंडार में बदलने की चल रही योजनाओं से आने वाले वर्षों में 200 से 300 मिलियन बैरल तेल समकक्ष की अतिरिक्त क्षमता सामने आने की उम्मीद है.
मंगला क्षेत्र में 17 साल से हो रहा उत्पादन
राजस्थान के बाड़मेर में स्थित मंगला तेल क्षेत्र ने भारत के तेल और गैस उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. केयर्न द्वारा भारत की सबसे बड़ी जमीन पर तेल खोज किए जाने के बाद यहां लगातार उत्पादन हो रहा है. मंगला क्षेत्र में पहली बार तेल उत्पादन शुरू हुए 17 साल हो चुके हैं. यह क्षेत्र देश के घरेलू कच्चे तेल उत्पादन में योगदान दे रहा है और तेल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद कर रहा है.




