कोयला मंत्री सतीश दुबे ने की एसईसीएल कार्यों की समीक्षा, डिजिटल पोर्टल और अत्याधुनिक जांच यूनिट का उद्घाटन

रायपुर/बिलासपुर, 26 मई। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने मंगलवार को साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के एक दिवसीय दौरे के दौरान कंपनी के उत्पादन, परिचालन, आधारभूत संरचना विकास और भावी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर कोयला क्षेत्र के विकास, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

बैठक में राज्य और केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों से विकास परियोजनाओं को गति देने तथा कोयला क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने कोयला क्षेत्र के विकास में छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग की सराहना की।
एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कोयला उत्पादन एवं प्रेषण, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा, डिजिटलीकरण, पर्यावरणीय पहल, कोल गैसीकरण, माइन क्लोजर और सीएसआर गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, निदेशकगण, मुख्य सतर्कता अधिकारी, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और एसईसीएल के अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री सतीश दुबे ने सुरक्षित और सतत खनन को बढ़ावा देने, आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग तथा परिचालन दक्षता में सुधार पर बल देते हुए कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उत्पादन, गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कंपनी के प्रयासों की सराहना की। साथ ही सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोल इंडिया द्वारा अब तक हासिल 100 मिलियन टन उत्पादन में एसईसीएल का सर्वाधिक योगदान 26.86 मिलियन टन रहा है। उन्होंने ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराई।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने डिजिटल परिवर्तन की दिशा में ई-डाडास (डिजाइन एंड ड्रॉइंग अप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल तथा हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-डाडास पोर्टल के जरिए आधारभूत परियोजनाओं की डिजाइन एवं ड्रॉइंग की ऑनलाइन जांच और स्वीकृति प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा, जबकि एचएमआईएस पोर्टल से एसईसीएल अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण और मरीजों के रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार होगा।
इसके अलावा मंत्री ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का उद्घाटन किया। यह मशीन संक्रमण और विभिन्न रोगों की अधिक सटीक पहचान करने में सक्षम होगी तथा तेज और त्रुटिरहित जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी। उद्घाटन के बाद मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।




