40 साल पुरानी मध्य प्रदेश की कंपनी ग्रेट गैलियन वेंचर्स बदलेगी भारतीय बेवरेज इंडस्ट्री की तस्वीर, नए कंज्यूमर ब्रांड्स पर फोकस

इंदौर, 12 मई । मध्य प्रदेश की 40 साल पुरानी बेवरेज मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ग्रेट गैलियन वेंचर्स लिमिटेड (जीजीवीएल) अब भारतीय बेवरेज इंडस्ट्री में नई पहचान बनाने की तैयारी में है। लंबे समय तक कई बड़े और चर्चित ब्रांड्स के पीछे मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में काम करने वाली यह कंपनी अब अपने खुद के कंज्यूमर ब्रांड्स के जरिए बाजार में नेतृत्व की भूमिका निभाने जा रही है।
साल 1985 में मध्य प्रदेश के धार में ‘हाउस ऑफ केडियाज’ के तहत शुरू हुई ग्रेट गैलियन वेंचर्स लिमिटेड ने पिछले चार दशकों में प्रोडक्शन, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबल पैकेजिंग इनोवेशन के क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है। कंपनी लंबे समय तक इंडस्ट्री में साइलेंट फोर्स की तरह काम करती रही और कई बड़े भारतीय व ग्लोबल स्पिरिट ब्रांड्स की भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर बनी रही।
अब कंपनी अपने वर्षों के अनुभव, तकनीकी कौशल और बदलते बाजार की समझ का उपयोग खुद के भारतीय ड्रिंक्स पोर्टफोलियो को विकसित करने में कर रही है। कंपनी का फोकस ऐसे मॉडर्न ग्राहकों पर है, जो बेहतर क्वालिटी के साथ प्रीमियम ड्रिंकिंग एक्सपीरियंस चाहते हैं।
ग्रेट गैलियन वेंचर्स लिमिटेड के वीपी-बिजनेस ग्रोथ उत्सव केडिया ने कहा कि कंपनी का नया ब्रांड ‘बैच मास्टर व्हिस्की’ ग्राहकों को प्रीमियम क्वालिटी के साथ बेहतर स्वाद देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें इस्तेमाल किए गए एज्ड स्कॉच माल्ट्स इसे खास गहराई और स्मूद टेस्ट देते हैं, जो इस कीमत में आमतौर पर देखने को नहीं मिलता। कंपनी का प्रयास प्रीमियम फील और किफायती कीमत के बीच संतुलन बनाना है।
कंपनी की यात्रा भारत की एल्को-बेव इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलावों को भी दर्शाती है। जीजीवीएल मध्य प्रदेश में बेवरेज रिटेल के निजीकरण को आगे बढ़ाने वाली शुरुआती कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी ने क्षेत्र में बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग सेटअप स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाई है। समय के साथ इसकी यूनिट एक जीरो-वेस्ट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में बदल गई, जहां आधुनिक तकनीक के साथ इन-हाउस बॉटल प्रोडक्शन भी किया जाता है।
आज कंपनी के प्रोडक्ट्स ओमान, सिंगापुर, टोगो, कैमरून, नाइजर और फ्रीटाउन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। लगातार एक जैसी क्वालिटी, बड़े स्तर पर उत्पादन क्षमता और सटीक मैन्युफैक्चरिंग के कारण कंपनी इंडस्ट्री की भरोसेमंद पार्टनर बन चुकी है।
पिछले कुछ वर्षों में जीजीवीएल ने रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग अनुभव का उपयोग अपने कंज्यूमर ब्रांड्स तैयार करने में किया है। कंपनी के पोर्टफोलियो में वी21 प्रीमियम, रास्कल आरटीडी, बिग बुल रम, रिट्ज प्रीमियम व्हिस्की और गोवा व्हिस्की जैसे ब्रांड शामिल हैं। वी21 प्रीमियम को भारत की पहली 100 प्रतिशत सर्टिफाइड आरपीईटी पैकेजिंग वाली वोडका बताया जा रहा है।
इसी पोर्टफोलियो में अब नया नाम ‘बैच मास्टर व्हिस्की’ जुड़ा है। यह एक ब्लेंडेड व्हिस्की है, जिसे एज्ड स्कॉच माल्ट्स के साथ तैयार किया गया है। कंपनी के मुताबिक यह खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाई गई है, जो रोजमर्रा के ड्रिंकिंग एक्सपीरियंस को बेहतर स्तर पर ले जाना चाहते हैं।
आईडब्ल्यूएसआर के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 की पहली छमाही में भारतीय व्हिस्की बाजार में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि प्रीमियम और उससे ऊपर की कैटेगरी में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ऐसे समय में जब दुनियाभर के कई बाजारों में प्रीमियमाइजेशन की गति धीमी हो रही है, भारत लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है।
करीब 700 रुपए की कीमत में उपलब्ध बैच मास्टर व्हिस्की फिलहाल मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रतलाम, सागर, देवास, सतना, रीवा और बुरहानपुर में उपलब्ध है। कंपनी का मानना है कि यह ब्रांड उसके मजबूत मैन्युफैक्चरिंग अनुभव और बदलती उपभोक्ता मांग के सही मेल का उदाहरण बनेगा।




