उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का शानदार प्रदर्शन, चौथी तिमाही में 282 करोड़ रुपए का मुनाफा

भारत, 12 मई 2026। बैंकिंग सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक ने रिकॉर्ड स्तर का डिस्बर्समेंट हासिल करने के साथ-साथ मुनाफे, डिपॉजिट्स और सिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो में भी उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है।
बैंक की ग्रॉस लोन बुक सालाना आधार पर 26.6 प्रतिशत बढ़कर 40,655 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। वहीं चौथी तिमाही में बैंक ने अब तक का सबसे अधिक तिमाही डिस्बर्समेंट 9,811 करोड़ रुपए दर्ज किया। इसी अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ 238.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 282 करोड़ रुपए रहा।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के एमडी और सीईओ संजीव नौटियाल ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती के संकेत दे रही है और भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, सरकार की नीतियां और पर्याप्त लिक्विडिटी इस वृद्धि को समर्थन दे रहे हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन में बाधाएं और सुपर एल नीनो जैसी मौसम संबंधी परिस्थितियां महंगाई बढ़ाने का जोखिम पैदा कर सकती हैं।
बैंक के कुल डिपॉजिट्स में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। डिपॉजिट्स 21.4 प्रतिशत बढ़कर 45,668 करोड़ रुपए तक पहुंच गए, जबकि सीएएसए अनुपात बढ़कर 28.6 प्रतिशत हो गया। बैंक की सिक्योर्ड लोन बुक 43.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 20,079 करोड़ रुपए रही, जिससे कुल लोन बुक में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 49.4 प्रतिशत तक पहुंच गई।
बैंक ने बताया कि गोल्ड लोन, व्हीकल लोन और एग्री लोन जैसे नए बिजनेस सेगमेंट्स में भी तेजी से विस्तार किया गया है। इसके साथ ही बैंक की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार देखने को मिला। मार्च 2026 तक बैंक का जीएनपीए घटकर 2.27 प्रतिशत और एनएनपीए घटकर 0.43 प्रतिशत पर आ गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत डिपॉजिट बेस, सिक्योर्ड लोन पर बढ़ता फोकस और बेहतर एसेट क्वालिटी उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक को आने वाले समय में भी स्थिर वृद्धि बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।




