सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के दावे निकले भ्रामक, मौके पर जांच में साफ मिला पानी

सरगुजा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा था कि खदान से निकलने वाले पानी के साथ कोयला और अन्य अपशिष्ट सामग्री बाहर बहाई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, मौके पर जाकर की गई जांच और वास्तविक स्थिति के निरीक्षण में वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे की तस्वीर अलग सामने आई।
मौके पर पहुंचकर संबंधित स्थल का निरीक्षण किया गया और वहां की स्थिति का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। निरीक्षण के दौरान स्पष्ट रूप से पाया गया कि संबंधित स्थान पर पानी साफ था। पानी के साथ कोयला अथवा किसी अन्य प्रकार की अपशिष्ट सामग्री के बाहर डिस्चार्ज किए जाने की स्थिति मौके पर नहीं मिली।
जांच के दौरान मौके की वास्तविक स्थिति और सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे वीडियो के दावे के बीच अंतर सामने आया। ऐसे में वायरल वीडियो के माध्यम से किए जा रहे दावे भ्रामक प्रतीत होते हैं। मामले को लेकर आमजन से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो, फोटो या जानकारी को बिना सत्यापन के सही न मानें और न ही उसे आगे साझा करें।
अधिकारियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील या भ्रामक जानकारी के प्रसार से पहले उसकी वास्तविकता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। बिना जांचे-परखे किसी वीडियो या दावे को साझा करने से अफवाह फैल सकती है और लोगों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
प्रशासन की ओर से भी लोगों को सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सामग्री के प्रति सतर्क रहने और आधिकारिक अथवा विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।




