Chhattisgarh

सुशासन तिहार बना आजीविका संवर्धन का आधार: मत्स्य पालक भरत निषाद को मिली 1लाख रुपये की सहायता राशि

सभापति जनपद पंचायत धमधा श्रीमती एकता साहू एवं जनपद सदस्य श्रीमती हेमा साहू के करकमलों से सहायता राशि का चेक प्राप्त किया

दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन से शिविरों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम व्यक्तियों तक लगातार पहुंचा जा रहा है। शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत धमधा के ग्राम मलपुरी कला निवासी भरत निषाद के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

श्री निषाद लंबे समय से मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्हें अपने इस पैतृक व्यवसाय के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता थी। शिविर में उपस्थित होकर भरत निषाद ने आवेदन देकर अपनी बात रखी। तत्संबंध में विभाग द्वारा उनकी मांग एवं पात्रता का परीक्षण कर त्वरित कार्रवाई की गई। मत्स्य पालन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत उन्हें 1लाख रुपये की वित्तीय सहायता राशि का चेक सभापति जनपद पंचायत धमधा श्रीमती एकता साहू एवं जनपद सदस्य श्रीमती हेमा साहू के करकमलों से प्राप्त किया।

प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भरत निषाद ने बताया कि इस आजीविका अनुदान राशि से वे मत्स्य पालन हेतु आवश्यक संसाधनों का विस्तार करेगा। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहयोग उनके व्यवसाय को सुदृढ़ करने साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्तर को उन्नत बनाने और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।

हितग्राही भरत निषाद ने इस त्वरित एवं पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। श्री निषाद ने कहा कि इस तथ्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जिला प्रशासन की ये सुशासन शिविर धरातल पर लक्षित समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर सफल हो रहे हैं।

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